
रायपुर : छत्तीसगढ़ में समर्पण कर चुके माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि आत्मसमर्पित माओवादियों पर दर्ज आपराधिक प्रकरण वापस लिए जाएंगे।
समर्पण कर चुके माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार का मानना है कि ¨हसा छोड़ चुके और अच्छे आचरण का प्रदर्शन करने वाले लोगों को राहत देकर न सिर्फ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है, बल्कि इससे अन्य भटके युवा भी आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित होंगे।
यह कैंप नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और बीएसएफ 86वीं बटालियन के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है। यही नहीं सुकमा जिले में माओवादी ¨हसा का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में साप्ताहिक बाजारों का आयोजन हो रहा है।
महाराष्ट्र में 11 और छत्तीसगढ़ में चार माओवादियों का आत्मसमर्पणजागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : माओवादी ¨हसा को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत बुधवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 11 सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वालों में हाल ही में मारे गए सेंट्रल कमेटी मेंबर हिड़मा का साथी भीमा उर्फ सीतू उर्फ किरण हिड़मा कोवासी भी शामिल है। इन सभी पर कुल मिलाकर 82 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
तीन साल में करीब 2,200 माओवादियों ने किया समर्पणगढ़चिरोली पुलिस परिसर में आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने कहा कि नक्सलवाद अपने अंत के करीब है। अब केवल कुछ समय की बात है। वहीं, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला मुख्यालय पर बुधवार को 23 लाख के इनामी चार माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
इनमें दो महिला माओवादी शामिल हैं। चारों माओवादियों पर कई गंभीर माओवादी ¨हसा की घटनाओं में शामिल होने के आरोप रहे हैं। शासन द्वारा पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है।



