अक्सर ऐसा होता है कि जब हम ईश्वर की भक्ति में लीन होते हैं या मंदिर में बैठकर प्रार्थना करते हैं, तो हमारी आंखों से आंसू बहने लगते हैं। बहुत से लोग इसे कमजोरी या दुख का संकेत मानते हैं, लेकिन ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, पूजा के दौरान आंखों में आंसू आना एक बहुत ही गहरा और शुभ संकेत माना जाता है।
अगर अगली बार पूजा करते समय आपकी आंखों में आंसू आए, तो उन्हें पोंछने की जल्दी न करें और न ही घबराएं। यह आपकी सच्ची भक्ति का सम्मान है। यह दर्शाता है कि आप ईश्वर के उस प्रेम को महसूस कर पा रहे हैं, जिसे पाना हर किसी के बस में नहीं होता।
आइए जानते हैं शास्त्रों के अनुसार इसके पीछे छिपे मुख्य कारण क्या हैं-
1. आत्मा का ईश्वर से मिलनशास्त्रों में कहा गया है कि जब पूजा करते समय मन पूरी तरह एकाग्र (Concentrate) हो जाता है और भक्त का हृदय शुद्ध भाव से भर जाता है, तब आत्मा का सीधा संपर्क परमात्मा से होने लगता है। इस दिव्य मिलन के दौरान आंखों से निकलने वाले आंसू इस बात का प्रतीक हैं कि आपकी प्रार्थना स्वीकार हो रही है और आप ईश्वर के करीब महसूस कर रहे हैं।
4. दुखों का अंत और सकारात्मक ऊर्जा
माना जाता है कि अगर पूजा के समय आपकी आंखे भर जाती हैं तो ईश्वर आपको संकेत दे रहे हैं कि आपके जीवन की परेशानियां जल्द ही खत्म होने वाली हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है और आपकी प्रार्थनाओं में इतनी शक्ति है कि वे आपके भाग्य को बदल सकें।
5. पूर्वजन्म के संस्कारों का उदय
कभी-कभी हम किसी देवता या मंत्र के प्रति बहुत ज्यादा खिंचाव महसूस करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह हमारे पूर्वजन्म की अधूरी साधना का प्रभाव हो सकता है। पूजा के दौरान निकलने वाले आंसू उस गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाते हैं जो सदियों से आपकी आत्मा के साथ रहा है।
राने पाप धुल रहे हैं। यह एक संकेत है कि आपका अंतर्मन पवित्र हो रहा है और आप भक्ति के उच्च स्तर पर पहुंच रहे हैं।



