
नई दिल्ली: तेलंगाना में राज्य प्रशासन और मीडिया के कुछ वर्गों के बीच बुधवार को तनाव बढ़ गया। पुलिस ने मंगलवार देर रात तेलुगु समाचार चैनल एनटीवी के तीन पत्रकारों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि ये गिरफ्तारियां एक सेवारत महिला आईएएस अधिकारी से संबंधित प्रसारण से जुड़ी हैं।
पुलिस का कहना है कि उन्होंने मानहानि और कानूनी उल्लंघन के तहत कार्रवाई की है, लेकिन इस कदम ने पत्रकारों के बीच प्रेस की स्वतंत्रता और मनमानी के इस्तेमाल को लेकर व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है।
तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद हंगामापुलिस ने तीनों पत्रकारों को तब हिरासत में लिया, जब सरकार ने एनटीवी द्वारा प्रसारित एक अनौपचारिक कार्यक्रम की जांच के लिए एक विशेष दल गठित करने का आदेश दिया। पुलिस अधिकारियों ने इस प्रसारण को एक वरिष्ठ महिला अधिकारी के प्रति मानहानिकारक बताया है।
पुलिस के गिरफ्तार करने के तरीके की मीडिया संघों और नागरिक समाज समूहों ने कड़ी आलोचना की है। पत्रकारों और मीडिया हाउस ने बल प्रयोग का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने हिरासत के दौरान अनावश्यक शारीरिक बल का प्रयोग किया। पत्रकार संघों ने इस कदम को पत्रकारिता की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।
हैदराबाद पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘अगर आपातकाल जैसी स्थिति होती, तो आप सभी जो इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद हैं, जेल में होते।’ आयुक्त ने कहा कि कानून अपना काम आरोपी के पेशे की परवाह किए बिना करता है। वी.सी. सज्जनार ने इस बात पर जोर दिया कि प्रसारण से एक लोक सेवक की गरिमा को ठेस पहुंची है।



