पूर्व सरपंच ने मामले में कलेक्टर से संज्ञान लेने और ग्रामीणों को विरोध करने की अपील
महासमुंद :ग्राम पंचायत बेलसोंडा की पूर्व सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर ने कहा कि गांव के मंडल तालाब क़ो सरकार की योजना अनुसार अमृत सरोवर का रूप देकर सुंदरता का प्रतीक बनाया था। उन्होंने वर्तमान सरपंच पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुरम बिचौलियों से सांठगाठ कर अमृत सरोवर को अवैध मुरम खदान का रूप ले रहा है। श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि अमृत सरोवर क़ो गड्ढा करना शासन की योजना क़ो ठेंगा दिखाना है औऱ यदि मुरम निकालना आवश्यक ही है तो गांव के मजदूरों से निकालकर रोजगार दिया जा सकता था।
विभाग से धोखे मे पिटपास लेने का संदेह
पूर्व सरपंच ने संदेह जताया है कि पंचायत द्वारा खनिज विभाग को धोखे में रखकर पिटपास लिया गया होगा। क्योंकि अमृत सरोवर से मशीन से मुरम निकालना नियम विरुद्ध है।
जनता से खनन का विरोध करने की अपील
पूर्व सरपंच ने बताया कि बीते वर्ष गांव मे जानबूझकर मनरेगा (विकसित भारत जी राम जी ) कार्य नही चलाकर गांव के मजदूरों का रोजी रोटी छिना गया है। इस वर्ष भी मनरेगा कार्य नही चलेगा क्योंकि गांव के अन्य तालाबों से भी मुरम बेचने की योजना बन चुकी हैम सरपंच भामिनी ने गांव हित क़ो ध्यान मे रखते हुए ग्रामीणों से मुरम खनन का विरोध करने की अपील की है। ताकि ग्रामीणों क़ो मनरेगा (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन की गारंटी) के तहत कार्य मिल सके। पूर्व सरपंच ने कलेक्टर से मामले में संज्ञान लेते हुए सरपंच तथा मुरम के सौदागरों के विरुद्ध सख्त कार्यवाई की मांग की है। पूर्व सरपंच ने कहा कि पूर्व पंचायत द्वारा गांव के मुरम का कभी सौदा नही किया तथा उनका संरक्षण किया ताकि आवश्यकता पड़ने पर काम आ सके।
दिन ही नहीं रात में भी होता है मुरम खनन
सरपंच ने बताया कि यदि मुरम खनन करना वैध होता तो संध्या होते ही मुरम खनन बंद हो जाना चाहिए। पर पिछले दस दिनों से दिनरात मुरम खनन हो रहा है।



