Home छत्तीसगढ़ बाल विवाह मुक्त रथ को हरी झंडी, 100 दिवसीय जागरूकता अभियान की...

बाल विवाह मुक्त रथ को हरी झंडी, 100 दिवसीय जागरूकता अभियान की शुरुआत

0

सुरेश मिनोचा एमसीबी :  बच्चों के लिए न्याय तक पहुँच (Access to Justice for Children) का मतलब है बच्चों को उनके अधिकारों के लिए, हिंसा और शोषण से बचाने के लिए, और न्याय प्रणाली में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कानूनी और सहायक सेवाएँ उपलब्ध कराना, जिसमें विशेष कानून, बाल-हितैषी प्रक्रियाएँ और सरकारी व गैर-सरकारी संगठनों द्वारा सहायता शामिल है, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल मिले। इसी परियोजना के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह तथा विशिष्ट अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास आदित्य शर्मा रहे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, इसके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने जागरूकता को बच्चों के सुरक्षित भविष्य की कुंजी बताया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने जानकारी दी कि 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत यह जागरूकता रथ जिले की सभी पंचायतों में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों एवं बच्चों के अधिकारों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करेगा। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी कोमल सिंह, जिला समन्वयक मिशन शक्ति तारा कुशवाहा, संरक्षण अधिकारी नवा विहान नीता पांडे, चाइल्ड लाइन परियोजना समन्वयक कार्तिक मजूमदार सहित सखी वन स्टॉप सेंटर एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने बाल विवाह के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया तथा जागरूकता रथ को जिले की विभिन्न पंचायतों के लिए रवाना किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here