महासमुंद : नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तिथि एक माह आगे बढ़ाने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले में ही लगभग 20 हजार किसान अभी धान नहीं बेच पाए हैं। शासन द्वारा महासमुंद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी का लक्ष्य 12 लाख 45 हजार मीट्रिक टन धान उपार्जन का रखा गया था। जिसे मुकाबले 24 जनवरी 2026 तक केवल 8 लाख 77 हजार 761 मीट्रिक टन धान की खरीदी ही हो पाई है।
इस लिहाज से अभी लगभग 4 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी शेष है। जबकि, धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 दिसंबर रखा गया है, ऐसे में सोमवार 26 जनवरी की अवकाश के बाद केवल 4 दिन का समय ही मिलेगा। इस अल्पावधि में इतनी बड़ी मात्रा में धान की खरीदी हो पाना संभव नहीं है। नपाध्यक्ष साहू ने कहा कि जिले के अनेक समितियों में पंजीकृत हजारों किसानों का टोकन भी नहीं कट पाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आॅनलाइन टोकन कटाने में भारी परेशानियां हो रही है। नेटवर्क की समस्या के कारण किसान अाॅनलाइन टोकन नहीं कटा पा रहे हैं। आॅनलाइन 70 प्रतिशत आैर आॅफलाइन 30 प्रतिशत टोकन काटने का गाइड लाइन है। आॅफलाइन में छोटे किसान टोकन नहीं कटा पाए हैं। धान नहीं बेच पाने से छोटे किसान रबी फसल की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने शासन से मांग की है कि खरीदी तिथ 28 फरवरी 2026 तक बढ़ाकर समस्त किसानों की धान खरीदी कर राहत पहुँचाए। साथ ही जिन किसानों ने टोकन के अभाव में अभी तक धान बेच पाए हैं, उन्हें तत्काल आॅफलाइन माध्यम से टोकन जारी कर उनका धान खरीदी करने की व्यवस्था बनाई जाए। साहू ने शासन ने निवेदन किया है कि रकबा समर्पण का अनावश्यक दबाव किसानों पर ना बनाया जाए। साथ ही भाैतिक सत्यापन यदि करना ही है तो कितने किसान धान नहीं बेच पाए हैं, तथा उन्हें धान बेचने में किस तरह की परेशानी हो रही है, इसका सत्यापन कर उन समस्त समस्याओं का समाधान कर उनकी परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जाए।



