
संसद का बजट सत्र 2026-27 आज यानी 28 जनवरी औपचारिक रूप से शुरू हो रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी. इसके बाद संसद में बजट सत्र से जुड़ी आगे की कार्यवाही शुरू होगी.
कब आएगा आर्थिक सर्वे और बजट
सरकार 29 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वे पेश करेगी. इसके दो दिन बाद यानी 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 संसद में रखा जाने वाला है. आर्थिक सर्वे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग ने तैयार किया है. इसे मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में बनाया गया है. इसमें अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की अर्थव्यवस्था की हालत, अलग-अलग आर्थिक आंकड़े और आने वाले साल का अनुमान दिया गया है.
कितने दिन चलेगा बजट सत्र
यह बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा जिसमें संसद की 30 बैठकें होंगी. सत्र का समापन 2 अप्रैल को होगा. 13 फरवरी को संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी. फिर 9 मार्च से दोबारा सत्र शुरू होगा. इस बीच संसदीय स्थायी समितियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के अनुदान की मांगों की जांच करेंगी.
पहले और दूसरे चरण में क्या होगा
सत्र के पहले हिस्से में ज्यादातर समय बजट से जुड़े कामकाज और राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी. वहीं सत्र के दूसरे हिस्से में जरूरी विधेयकों और अन्य अहम कामकाज को आगे बढ़ाया जाएगा.
सर्वदलीय बैठक में क्या रहा माहौल
मंगलवार को बजट सत्र से पहले एक सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी. इस बैठक में सभी दलों ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर अपनी राय रखी. सरकार को सहयोग देने का भरोसा दिलाया.
बता दें, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि उनकी पार्टी सत्र में जनता से जुड़े मुद्दे उठाएगी. उन्होंने वोट चोरी, SIR, धान की खरीद और मनरेगा को फिर से मजबूत करने जैसे मुद्दों का जिक्र किया.
दिल्ली पहुंचे कई बड़े नेता
बजट सत्र से पहले कई नेता और मंत्री दिल्ली पहुंचे थे. दिल्ली एयरपोर्ट पर अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को देखा गया. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी सत्र में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंचे थे.
ओडिशा, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के सवाल
बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उन्होंने सर्वदलीय बैठक में ओडिशा से जुड़े मुद्दे उठाए. उन्होंने बताया कि राज्य के किसानों की हालत खराब है. धान की खरीद नहीं हो पा रही. मंडियां बंद हैं. 3000 रुपये MSP का वादा पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगड़ने, महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराध, कोयला रॉयल्टी में संशोधन न होने, कनेक्टिविटी की कमी और बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया है.
शिवसेना, केरल और आम आदमी पार्टी की बात
शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने प्रदूषण, SIR और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों का जिक्र किया. वहीं केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने केंद्र सरकार से 2026 के बजट में राज्य को उसका हक देने की उम्मीद जताई है. पहले की वित्त आयोग कटौती को ठीक करने की मांग की है, उन्होंने कहा कि केंद्र को सभी राज्यों के साथ ईमानदारी से सहयोग करना चाहिए. वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर विदेश नीति में विफल रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने शंकराचार्य से जुड़े मामले और SIR के नाम पर वोट हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया था.
सरकार की अपील
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से संसद को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि नियमों के तहत चर्चा का केंद्र बजट ही रहेगा. राष्ट्रपति के भाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसमें सभी दल भाग लेंगे. सरकार ने साफ किया है कि वह सत्र के दौरान लंबित विधेयकों समेत अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाएगी और जरूरी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है.



