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बारिश-बर्फबारी… उत्तराखंड के 5 जिलों में मौसम का कहर, 2 फरवरी तक स्कूल बंद

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उत्तराखंड:- उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक ही बदल गया है. राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश का दौर जारी है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने ठंड को और बढ़ा दिया है. रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार वर्षा हो रही है. पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह गरज के साथ तेज बौछारें पड़ी हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है. राज्य के पांच जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और देहरादून के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है. केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में बीते 48 घंटों से लगातार हिमपात जारी है. चकराता और औली में सबसे अधिक बर्फ जमी है, जहां दो फीट तक बर्फ की मोटी परत दर्ज की गई है. हरिद्वार में भी देर शाम ओलावृष्टि हुई.

खराब मौसम को देखते हुए 2 फरवरी तक स्कूल बंद:- उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी से सड़कें प्रभावित हुई हैं. गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सुखी टॉप से आगे बाधित है, वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग राना चट्टी से जानकी चट्टी और राड़ी टॉप तक बंद है. खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है. पौड़ी, टिहरी, ऊधम सिंह नगर, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में कक्षा 12 तक के विद्यालय बंद रखे गए हैं. मौसम विभाग के अनुसार 2 फरवरी तक राज्य में मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है.

ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की आशंका:- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी के बाद हिमस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है. उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्क किया है. रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (डीजीआरई) के पूर्वानुमान के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की संभावना जताई गई है. उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को ऑरेंज श्रेणी में रखा गया है, जहां मध्यम आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन घाटी तक पहुंच सकते हैं। पिथौरागढ़ को येलो श्रेणी में रखा गया है, जहां सीमित क्षेत्रों में छोटे हिमस्खलन की आशंका है. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और बर्फ से ढकी ढलानों पर जाने से परहेज करने की सलाह दी है. लगातार दूसरी बार हुई बर्फबारी ने जहां पर्यटन को बढ़ावा दिया है, वहीं पहाड़ी इलाकों में सतर्कता भी बढ़ा दी गई है.

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