सुरेश मिनोचा मनेन्द्रगढ़ : केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर मनेन्द्रगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) रामनरेश पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट देश की आम जनता की आकांक्षाओं, किसानों की पीड़ा, युवाओं की बेरोजगारी और ग्रामीण भारत की ज़रूरतों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करता है।
पटेल ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम परिवार पहले से ही त्रस्त है लेकिन बजट में ना तो महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस नीति दिखाई देती है और ना ही रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कोई वास्तविक राहत दी गई है। इससे साफ है कि सरकार आम आदमी की समस्याओं से कटी हुई है।उन्होंने कहा कि किसानों को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन ना तो न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कोई कानूनी गारंटी दी गई और ना ही धान, गेहूं सहित अन्य फसलों की खरीदी व्यवस्था को मज़बूत करने के लिये कोई ठोस प्रावधान किया गया।
खाद, बीज और डीज़ल के बढ़ते दामों से किसान लगातार घाटे में जा रहा है लेकिन सरकार मौन है। रामनरेश पटेल ने युवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है फिर भी बजट में स्थायी रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और सरकारी भर्तियों को गति देने के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
युवाओं को केवल आंकड़ों और घोषणाओं से बहलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा योजना के बजट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई जिससे ग्रामीण गरीबों और मज़दूर वर्ग को निराशा हाथ लगी है। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी जमीनी स्तर पर असर डालने वाली योजनाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। पटेल ने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है जबकि आम नागरिकों के लिये कर राहत, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर सुधारने वाले प्रावधान नगण्य हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी और असंतुलित बजट का कड़ा विरोध करती है और आने वाले समय में जनता के हितों की रक्षा के लिये लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।



