
सर्दियों के मौसम में गर्मागर्म शकरकंद सभी को पसंद आता है। यह जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही पौष्टिक भी माना जाता है। लेकिन अक्सर लोग शकरकंद को उबालने के बाद उसके छिलके को कूड़ेदान में फेंक देते हैं। यह सोचकर कि ये बेकार हैं। लेकिन आयुर्वेद में शकरकंद के असली पोषक तत्वों का एक बड़ा हिस्सा उसके छिलकों में ही छिपा होता है। आइए जानते हैं कि क्यों आपको आज से ही शकरकंद को छिलके समेत खाना शुरू कर देना चाहिए।
फाइबर का पावरहाउस:- शकरकंद के छिलके में फाइबर पाया जाता है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए अनिवार्य है। छिलके समेत शकरकंद खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना:- शकरकंद के छिलकों में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये न केवल आपको बीमारियों से दूर रखते हैं बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकते हैं।
आंखों की रोशनी और स्किन के लिए अच्छा:- छिलके में मौजूद विटामिन-A आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद विटामिन-C और E आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो देते हैं और समय से पहले आने वाली झुर्रियों को रोकने में मदद करते हैं।
ब्लड शूगर को कंट्रोल करता है शकरकंद का छिलका:- शकरकंद के छिलका में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए शकरकंद के छिलके खाने से ब्लड शुगर लेवल एकदम से नहीं बढ़ता है।
शकरकंद के छिलके को किस तरह खाएं?
1. शकरकंद को धोकर उबालें और फिर उसके छिलके को निकालकर छान लें। रोस्ट करने पर छिलका कुरकुरा और स्वादिष्ट हो जाता है।
2. उबली हुई शकरकंद को छिलके समेत काटकर उसमें नींबू, काला नमक और चाट मसाला मिलाकर खाएं। इससे आपको फायदे भी होंगे और स्वादिष्ट भी लगेगा।



