
महासमुंद : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट को गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी की समृद्धि, पूंजीगत व्यय बढ़कर अधोसंरचना विकास को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका को बढ़ावा देने वाला बजट बताते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने राज्य को समृद्ध बनाने के संकल्प को सिद्ध करने वाला बजट कहा है। श्री साहू ने कहा कि बजट में सभी वर्गों का विशेष ख्याल रखा गया है। इस बार प्रदेश का बजट का आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का है। पिछले दो बजट के थीम जहां गति और ज्ञान था तो इस बार के बजट का विषय ‘संकल्प’ रखा गया है। इस बजट में सरकार ने साफ संदेश दिया है उनकी प्राथमिकता में किसानों का हित सर्वोपरि है। सीकासेर लिंकिंग परियोजना के लिए 3047 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही मोहमेला सिरपुर बैराज को भी विशेष प्रोजेक्ट की प्राथमिकता में रखकर स्वीकृति प्रदान को है। इसके अलावा भूमिहीन किसान परिवारों के लिए 10 हजार करोड़, नेचुरल फॉर्मिंग के लिए 40 करोड़, किसानों को ब्याज मुक्त लोन के लिए 300 करोड़ का प्रावधान कर सरकार ने किसान हित को सर्वोपरि रखा है। इन परियोजनाओं के सिद्ध होने पर किसान सशक्त और समृद्ध होंगे।
श्री साहू ने सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों व कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बजट में महिला एवं बाल विकास क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण, पोषण और बाल विकास योजनाओं के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं, जिससे राज्य की लाखों महिलाओं और बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण योजना के लिए 2,320 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये और मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार का यह बजट माताओं बहनों को समृद्ध, आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने का एक सफल प्रयास बनेगा। इसके अलावा 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासन ने महिलाओं के नाम पर भूमि, भवन, अचल संपत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क पर 50% की छूट का भी बड़ा ऐलान किया है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये तथा लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह बजट बता रहा है कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना तथा बच्चों के पोषण और विकास को मजबूत आधार देना है। कुल मिलाकर यह बजट विकसित, समृद्ध व आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प है।



