कोमल ग्वाला अमनपथ ब्यूरोचीफ जशपुर बगीचा : छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रदीप कुमार राठिया एसडीएम (राजस्व) बगीचा के माध्यम से प्रेषित किया गया।छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक बालदेव ग्वाला ने बताया कि पूर्व में भी कई बार शासन को पत्राचार एवं आंदोलन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
प्रमुख मांगें:
- जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (DA एरियर्स) की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
- 4 स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 32 वर्ष) लागू किया जाए।
- अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस तक किया जाए।
- विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ दिया जाए।
- सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को द्वितीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
- अनुकंपा नियुक्ति नियमों में शिथिलीकरण कर सभी रिक्त पदों पर भर्ती की जाए।
- पंचायत सचिवों का शासकीयकरण एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
- सभी विभागों में सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने की मांग।
- दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- संविदा भर्ती पर रोक लगाते हुए रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की अनुमति दी जाए।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।बताया गया कि प्रदेश भर के 132 संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा जिला एवं विकासखंड स्तर पर प्रदर्शन तेज होते जा रहा है।
फेडरेशन के उप संयोजक पुरेन्दर राम यादव, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संगठन मंत्री संदीप कुमार भगत, स्वास्थ्य विभाग के मीडिया प्रभारी शुभाष शर्मा, भारत सिंह,तुलेश्वर यादव, सक्रिय सदस्य संतोष कुमार, प्रवक्ता मट्ठु राम भगत ,अघन साय केहरी ,जगमोहन यादव,अपजल इमाम, सचिव जगदीशचंद्र यादव ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।



