हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर राम नवमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस खास अवसर पर भगवान श्रीराम की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान मंदिर या गरीब लोगों में करना चाहिए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रभु श्रीराम की साधना करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन कुछ गलतियों को करने से पूजा सफल नहीं होती है और भगवान श्रीराम नाराज हो सकते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि राम नवमी के दिन क्या करें और क्या न करें?
राम नवमी के दिन क्या करें
- राम नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- मंदिर की सफाई करने के बाद चौकी पर राम दरबार की प्रतिमा को विरजामन करें।
- देसी घी का दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें।
- मंत्रों का जप और कथा का पाठ करें।
- फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
- अन्न-धन आदि चीजों का दान करें।
- सात्विक भोजन का सेवन करें।
- छोटी कन्याओं को भोजन कराएं।
- भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।
राम नवमी के दिन क्या न करें
- राम नवमी के दिन तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- किसी से वाद-विवाद न करें।
- काले रंग के कपड़े धारण न करें।
- किसी को अपशब्द या कड़वे वचन न बोलें।
- इसके अलावा बाल, दाढ़ी और नाखून न काटें।
- बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें।
- अगर अपने व्रत रखा है, तो दिन में न सोएं।
कब है राम नवमी 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर होगा। ऐसे में राम नवमी को 26 मार्च को मनाई जाएगी।
राम नवमी के दिन ऐसे करें राम जी को प्रसन्न
अगर आपके विवाह में बाधा आ रही है, तो राम नवमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना करें। उन्हें पीले वस्त्र या कलावा चढ़ाएं। सुहाग की सामग्री दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से विवाह में आ रही बाधा दूर होती है और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। साथ ही प्रभु श्रीराम प्रसन्न होते हैं।



