अध्यात्म और ज्योतिष में नवरात्र को केवल शक्ति की पूजा का ही नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं को पूरा करने का ‘सिद्ध समय’ माना गया है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में माता रानी की ऊर्जा ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा सक्रिय होती है।
शीघ्र विवाह के लिए कुछ उपाय
- मां कात्यायनी की विशेष पूजा: पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में गोपियों ने भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए यमुना किनारे मां कात्यायनी की ही पूजा की थी। इसलिए, नवरात्र में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा (Maa Katyayni Ki Puja) करना विवाह की बाधाओं को दूर करने का सबसे बड़ा उपाय माना जाता है।
- पीले वस्त्र और हल्दी का प्रयोग: शादी में रुकावट का एक बड़ा कारण गुरु ग्रह का कमजोर होना भी होता है। नवरात्र के दौरान माता रानी को हल्दी की गाठें चढ़ाएं और स्वयं भी पीले रंग के कपड़े पहनकर पूजा करें। इससे सकारात्मकता आती है।
- मां गौरी को सिंदूर अर्पण: जो कन्याएं मनचाहा वर चाहती हैं, उन्हें नवरात्र में मां महागौरी को सिंदूर चढ़ाना चाहिए और फिर उसी में से थोड़ा सिंदूर खुद भी लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि मां पार्वती ने भी भगवान शिव (Lord Shiva) को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
- रामचरितमानस का पाठ: अगर संभव हो, तो नवरात्र के दौरान रामचरितमानस के ‘बालकांड’ में दिए गए शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग का पाठ करें। यह उपाय बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।
क्या कहते हैं शास्त्र?
विवाह संबंधी ये उपाय ‘देवी भागवत पुराण’ और ‘नारद पुराण’ जैसी धार्मिक संहिताओं में वर्णित हैं। जहां, मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना से मनोकामना पूर्ति की बात कही गई है।



