पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में चरमपंथियों ने एक पुलिस थाने को उड़ाने की कोशिश की, जिसमें मुठभेड़ के दौरान कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
चरमपंथी विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर बन्नू जिले के फतेहखेल थाने में घुसना चाहते थे। सुरक्षाबलों ने उन्हें पहले ही रोक दिया, जिससे गाड़ी में जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि आस-पास के कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। धमाके के बाद चरमपंथियों ने गोलीबारी भी की।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद बड़ी संख्या में चरमपंथियों ने पुलिस थाने पर हमला किया और उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से भी गोलीबारी की गई। गोलीबारी में कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए।
मुख्यमंत्री का बयान
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी ने इस चरमपंथी हमले की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया। अफरीदी ने कहा कि “आतंकवाद के विरुद्ध” यह लड़ाई केवल खैबर पख्तूनख्वा की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की है।
उन्होंने यह भी कहा कि बंद कमरों में लिए गए फैसलों और थोपी गई नीतियों ने देश को असुरक्षा के दलदल में धकेल दिया है। उन्होंने कहा, “हम अपने शहीदों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और आतंकवाद के इस अभिशाप को जड़ से मिटाने तक प्रयास जारी रखेंगे।”
हाल के महीनों में अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत में सुरक्षा बलों पर हमलों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, जिसने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



