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ODI में सचिन तेंदुलकर कैसे अचानक बन गए ओपनर, रचा इतिहास, दिलचस्प है इसके पीछे की कहानी

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वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने अनेकों रिकॉर्ड बनाने का काम किया है। हालांकि कुछ उनमें से टूट भी गए हैं और कई उनके रिटायरमेंट के इतने साल भी बने हुए हैं। सचिन तेंदुलकर ने वनडे में अपने करियर की शुरुआत मिडल आर्डर के बल्लेबाज के तौर पर की थी। बाद वे ओपनर बन गए और उसके बाद उन्होंने कीर्तिमानों का अंबार लगाकर रख दिया। इस बीच आपको वो दिलचस्प कहानी जरूर जाननी चाहिए, जब सचिन तेंदुलकर अचानक ओपनर बन गए थे।

साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ किया था सचिन तेंदुलकर ने अपना वनडे डेब्यू

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने इंटनेशनल करियर का आगाज साल 1989 में ही किया था। तब गुंजरावाला में वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने के लिए मैदान में उतरे थे। इस मैच में सचिन नंबर पांच पर बल्लेबाजी के लिए उतरे और दो बॉल पर बिना खाता खेले आउट हो गए थे। आज भी कोई बल्लेबाज जब अपने पहले मैच में शून्य पर आउट होता है तो ​सचिन का ही उदाहरण दिया जाता है कि कैसे सचिन डक पर आउट होकर क्रिकेट के महान खिलाड़ी बन गए।

लगातार दो मैचों में नहीं खुला था सचिन तेंदुलकर का खाता

इसके बाद साल 1990 में जब सचिन अपना दूसरा वनडे मैच खेलने उतरे तो न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां भी उनका खाता नहीं खुला। यानी दो मैचों में वे बैक टू बैक दो बार शून्य पर आउट हो गए थे। इससे खराब आगाज तो क्या ही होगा। हालांकि तीसरे मुकाबले में सचिन ने 36 रन बनाए। सचिन तेंदुलकर को वनडे में अपना पहला अर्धशतक लगाने के लिए नौ मैचों का इंतजार करना पड़ा। हालांकि शतकों का शतक लगाने वाले सचिन के खाते में सेंचुरी का लंबा इंतजार था।

आज से 32 साल पहले सचिन ने पहली बार किया था वनडे में पारी का आगाज

जैसा कि हमने आपको बता कि सचिन तेंदुलकर ने अपना डेब्यू साल 1989 में किया था। तब वे मध्यक्रम में खेलते थे। लेकिन आज से 32 साल पहले यानी 27 मार्च साल 1994 में सचिन तेंदुलकर को पहली बार ओपनिंग का मौका मिला। उस वक्त नवजोत सिंह सिद्धू भारत के लिए ओपनिंग करते थे। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ आकलैंड में होने वाले मुकाबले से पहले सिद्धू की गर्दन में अकड़न आ गई। इसके बाद जब ओपनर की तलाश हुई तो सचिन ने खुद ही पारी की शुरुआत करने की इच्छा जाहिर की। तब के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उनकी ये बात मानी और अजय जडेजा के साथ सचिन को ओपनिंग पर उतार दिया।

ओप​निंग की पहली पारी में ही सचिन तेंदुलकर ने खेली धमाकेदार पारी

सचिन तेंदुलकर ने उस मैच में केवल 49 बॉल पर 82 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। उन्होंने इस दौरान 15 चौके और 2 छक्के ठोके थे। दूसरे ओपनर अजय जडेजा ने 25 बॉल पर 18 रन की एक छोटी पारी खेली। सचिन के अलावा दूसरे किसी भी भारतीय बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 100 से ज्यादा का नहीं था। भारत ने इस मैच को 7 विकेट से अपने नाम कर लिया था। यही वो मैच था, जिसने सचिन ही नहीं, भारतीय क्रिकेट की भी तस्वीर बदलकर रख दी। भारत और दुनिया को ऐसा बल्लेबाज मिल गया था, जिसने इतने कीर्तिमान रचे, जो अभी तक अटूट हैं।

ओपनर बनने के बाद सचिन ने लगा दी कीर्तिमानों की झड़ी

सचिन के ओपनर बनने और इससे पहले के रिकॉर्ड देखकर पता चल जाएगा कि उनके आंकड़े कैसे बदल गए। एक नॉन ओपनर के तौर पर सचिन ने 119 मैच खेलकर 3116 रन बनाए हैं। इसमें उनका औसत 33.14 का रहा है। उन्होंने नीचे बल्लेबाजी करते हुए चार शतक और 21 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं सलामी बल्लेबाज के तौर पर सचिन ने 344 मैच खेलकर 15310 रन बनाए हैं। यहां उनका औसत 48.29 का रहा। ओपनर के तौर पर सचिन ने 45 शतक और 75 अर्धशतक अपने नाम किए हैं।

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