बिलासपुर। (कैलाश वस्त्रकार) : विकासखंड कोटा के वेयरहाउस में स्थापित धर्मकांटा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पुष्टि हुई है कि राशन की तौल में कमी की जा रही थी, जिससे उचित मूल्य दुकानों को प्रतिमाह कम सामग्री मिल रही थी।जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के राशन दुकानदार लंबे समय से तौल में अंतर की शिकायत कर रहे थे। वेयरहाउस से लोड होकर निकलने वाले वाहनों का वजन जब अन्य धर्मकांटों में कराया गया तो राशन कम पाया गया। इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
25 मार्च को रवि परियानी जिला अध्यक्ष राशन विक्रेता संघ ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करते हुए धर्मकांटा के सत्यापन की मांग की। इसके बाद नापतौल
विभाग के निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण में कांटे में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद निरीक्षक ने लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए धर्मकांटा को सील कर दिया। साथ ही निर्देश दिए गए कि तकनीकी सुधार होने तक इस कांटे का उपयोग न किया जाए।
मामले की जानकारी मिलने पर खाद्य नियंत्रक ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा कलेक्टर को अवगत कराते हुए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।


दुकानदारों के अनुसार, प्रति दुकान प्रतिमाह लगभग 3 से 4 क्विंटल राशन कम दिया जा रहा था। विकासखंड में लगभग 100 दुकानों के आधार पर यह कमी 300 से 400 क्विंटल प्रतिमाह तक पहुंचती है। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
इस पूरे मामले में जिम्मेदारों की पहचान तथा नुकसान की भरपाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, जानकारों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।



