सुरेश मिनोचा एमसीबी : जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान (100 दिवसीय अभियान) के दूसरे चरण का शुभारंभ 24 मार्च 2026 को किया गया। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में जिलेभर में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग और जांच कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।अभियान के तहत 25 मार्च से जिले के चिन्हित हाई रिस्क ग्रामों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर आधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इस दौरान ग्राम सलका, बरदर और ठग्गांव में विशेष शिविर आयोजित कर कुल 223 लोगों का एक्स-रे किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार 100 दिवसीय अभियान के दौरान जिले के सभी हाई रिस्क ग्रामों में चरणबद्ध तरीके से शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल एक्स-रे जांच की जा रही है, बल्कि संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए चिन्हित किया जा रहा है।
अभियान में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है। उनके द्वारा घर-घर जाकर लोगों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जा रही है तथा उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों का प्रपत्र तैयार कर ‘निश्चय आईडी’ बनाई जा रही है। इसके बाद चिन्हित व्यक्तियों का एक्स-रे एवं NAAT (न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट) जांच कर टीबी की पुष्टि की जा रही है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। इसके साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ाने और टीबी के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शिविरों में पहुंचकर जांच कराएं और टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।



