सुरेश मिनोचा एमसीबी : मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में मनरेगा और डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) के अभिसरण से निर्मित चेक डैम ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यह परियोजना न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि रोजगार सृजन और किसानों की आय वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस चेक डैम का निर्माण मनरेगा से 17 लाख रुपए तथा डीएमएफ से 2 लाख रुपए की लागत से किया गया है। निर्माण के दौरान कुल 1070 मानव दिवस सृजित हुए, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिले और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई।यह कार्य कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
चेक डैम के निर्माण से ग्राम के आसपास के लगभग 15 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। पहले जहां किसान केवल एक फसल पर निर्भर थे, वहीं अब वे धान के साथ-साथ दूसरी फसल लेने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त किसान सब्जी उत्पादन को भी अपनाने लगे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि की संभावना बनीहै।
इस परियोजना से क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। चेक डैम में संचित पानी का उपयोग किसान सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई के लिए कर रहे हैं, जिससे सिंचाई सुविधाएं बेहतर हुई हैं और खेती की लागत में कमी आई है।यह पहल न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है। ग्राम पंचायत बरदर का यह मॉडल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है, जहां मनरेगा और डीएमएफ के अभिसरण से सतत विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।



