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पचमढ़ी में साहसिक गतिविधियों से लौटे जशपुर जिले के 40 स्काउट्स-गाइड्स, सीखे पर्वतारोहण व आपदा प्रबंधन के गुण

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कोमल ग्वाला अमनपथ ब्यूरो चीफ जशपुर :भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय पर्वतारोहण, व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर का आयोजन 30 मार्च 2026 से 3 अप्रैल 2026 तक भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राष्ट्रीय साहसिक संस्थान, पचमढ़ी (मध्यप्रदेश) में किया गया। इस शिविर में जशपुर जिले से जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला आयुक्त श्री नरेंद्र कुमार सिंहा के मार्गदर्शन तथा जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री हेमन्त कुमार पैंकरा के नेतृत्व में 40 सदस्यीय दल ने भाग लिया। दल में जिला प्रभारी स्काउटर ग्रेगोरी एक्का, विधिनाथ साय, गाइडर गंगोत्री पैंकरा, प्रियंका तिर्की सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के 18 स्काउट, 18 गाइड एवं अन्य सदस्य शामिल रहे।

यह शिविर केवल साहसिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भाग लेने वाले सभी स्काउट-गाइड बच्चों के जीवन में नई दिशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। शिविर के दौरान बच्चों को अनेक गतिविधियों के माध्यम से जिम्मेदार नागरिक, सशक्त लीडर और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली।शिविर के प्रथम दिवस प्रतिभागियों ने राजेंद्र गिरी उद्यान का भ्रमण किया, जहां देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा वर्ष 1953 में लगाए गए ऐतिहासिक बरगद वृक्ष को देखकर बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संकल्प लिया।

द्वितीय दिवस जटाशंकर और बाइसन लॉज का भ्रमण कराया गया, जहां बच्चों ने ट्रेकिंग का आनंद लेने के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की प्रेरणा प्राप्त की। बाइसन लॉज में सतपुड़ा क्षेत्र के वन्यजीवों एवं उनके रहन-सहन के बारे में जानकारी दी गई।तृतीय दिवस प्रतिभागियों को पचमढ़ी के प्रसिद्ध बी फॉल की ट्रेकिंग कराई गई। जंगलों के बीच कठिन, ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरे रास्तों से गुजरते हुए बच्चों ने साहस, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की सीख ली।

चतुर्थ दिवस में आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी, स्वयं को सुरक्षित रखने तथा दूसरों की मदद करने के गुण सिखाए गए। बच्चों को रॉक क्लाइम्बिंग, बोटिंग, मंकी ब्रिज, सोल्जर ब्रिज, स्लाइड ब्रिज, बैलेंसिंग, जिप लाइन, हैंगिंग और स्काई साइक्लिंग जैसी गतिविधियों में शामिल कराया गया। वहीं आर्चरी और राइफल शूटिंग के माध्यम से संतुलन, धैर्य और लक्ष्य प्राप्ति की तकनीक सिखाई गई।

अंतिम दिवस प्रतिभागियों ने पांडव गुफा, म्यूजियम, धूपगढ़, चौरागढ़, हांडी खोह, गुप्त महादेव मंदिर और बड़ा महादेव मंदिर जैसे दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों ने मध्यप्रदेश की लोक कला, आभूषण, आदिवासी संस्कृति और पचमढ़ी के इतिहास को जाना और समझा।

प्रतिदिन आयोजित कैंप फायर कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों ने अपनी संस्कृति, नृत्य, गीत-संगीत और परंपराओं की प्रस्तुति दी। जशपुर जिले के स्काउट-गाइड बच्चों ने आदिवासी वेशभूषा में करमा नृत्य एवं लोकगीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।शिविर में जशपुर जिले के प्रतिभागियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। इस शिविर से बच्चों में साहस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास हुआ। शिविर से सकुशल लौटने पर जिला संघ जशपुर तथा जिले के समस्त स्काउटर-गाइडर ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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