नई दिल्ली: भाजपा ने मंगलवार को कहा कि उसने असम में एक चुनावी रैली के दौरान नफरत फैलाने वाला भाषण देने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ असम पुलिस और निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
भाजपा की असम इकाई के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस नेता संविधान का पालन करने का दावा करते हैं, लेकिन उनके कार्य संविधानिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की मूल भावना के विपरीत हैं।
सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक बतायाकलिता ने कहा- ”खरगे की आरएसएस-भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की हालिया मांग राजनीतिक असहिष्णुता के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के भीतर बौद्धिक दिवालियापन को भी दर्शाती है।”
उन्होंने कहा-‘असम भाजपा श्रीभूमि जिले के नीलाबाजार में छह अप्रैल को एक चुनावी रैली के दौरान की गई बेहद आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़ी निंदा करती है। ये टिप्पणियां हिंदू मान्यताओं और परंपराओं का सरासर अपमान थीं।
ऐसे बयान न केवल निंदनीय हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक भी हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर सनातन संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि असम की जनता ने इस विभाजनकारी दृष्टिकोण को पहले ही खारिज कर दिया है।
भाजपा ने खरगे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।
विदेश राज्य मंत्री बोलेकांग्रेस की ओर से साझा किए गए दस्तावेज फर्जी-मनगढ़ंतविदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने कांग्रेस के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा साझा किए गए दस्तावेज फर्जी और मनगढ़ंत हैं। हमने अपने कूटनीतिक चैनलों और जांच के माध्यम से सच्चाई का पता लगा लिया है। कांग्रेस ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी के पास यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्त्र के पासपोर्ट हैं।



