हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन सौभाग्य और सिद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन दान-पुण्य और सोने की खरीदारी के साथ-साथ तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है. माना जाता है कि इस दिन मां तुलसी की आराधना करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती. आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा क्यों फलदायी है और इसकी सही विधि क्या है.
कब है अक्षय तृतीया 2026:- साल 2026 में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 49 मिनट पर होगा. ऐसे में अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा.
अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा का महत्व:- तुलसी को हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इससे घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन तुलसी पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. खासतौर पर जिन लोगों को आर्थिक समस्याएं या पारिवारिक तनाव होता है, उनके लिए यह पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है.
अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा की सही विधि:- अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के आंगन या बालकनी में रखी तुलसी के पौधे को साफ करें और उसके पास दीपक जलाएं. तुलसी को जल अर्पित करें और रोली, चंदन, अक्षत तथा फूल चढ़ाएं. इसके बाद तुलसी माता के सामने घी का दीपक जलाकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. आप चाहें तो विष्णु भगवान की पूजा भी तुलसी के साथ कर सकते हैं. अंत में तुलसी की 7 या 11 परिक्रमा करें और अपनी मनोकामनाएं प्रकट करें.
तुलसी पूजा से मिलने वाले लाभ:- मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. यह पूजा आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने में भी सहायक मानी जाती है.



