एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा : किरंदुल क्षेत्र में सड़कों पर बने गहरे गड्ढों से आम जनता और वाहन चालकों को लगातार परेशानी हो रही है। इस समस्या को दूर करने की मुहिम में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) सामने आया, लेकिन शनिवार रात किए गए उसके प्रयास को असफल ही माना जा रहा है।जानकारों के अनुसार, एनएमडीसी द्वारा गड्ढों में गिट्टी और सीमेंट मिश्रित सामग्री डाली गई। प्रबंधन ने इसे भरने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही भारी वाहन गुजरे, गड्ढे फिर से उभर आए। एक बार में ही सड़क पर पुरानी स्थिति बहाल हो गई। ऐसे में यह भराई मात्र दिखावटी (लीपापोती) साबित हुई है।
स्थानीय संवाददाता द्वारा इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एनएमडीसी ने तुरंत कार्रवाई की। माना जा रहा है कि कंपनी के सीएमडी के आगामी दौरे को देखते हुए यह जल्दबाजी में किया गया भराई का काम था। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अस्थायी उपाय से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता। भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण कुछ ही दिनों में सड़क फिर से खस्ताहाल हो जाएगी।
जनता के सवाल:
लीपापोती का क्या मतलब? समस्या को ऐसे ही क्यों छोड़ दिया जाए?
क्या यह भराई सिर्फ उच्च अधिकारियों को दिखाने के लिए की गई?
एनएमडीसी जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम को स्थायी सड़क निर्माण (पक्की सड़क, डामर या कंक्रीट रोड) के लिए बेहतर तकनीक और पर्याप्त संसाधन क्यों नहीं अपनाए जा रहे?



