70 वर्ष पुरानी पाण्डुलिपियां प्रशासन को उपलब्ध कराने की कलेक्टर ने की अपील
कोरिया : जिले में ‘ज्ञानभारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर 22 अप्रैल को दोपहर 12 बजे मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी, जिसमें राज्य स्तरीय स्थायी समिति के सदस्य एवं सभी जिला कलेक्टर शामिल होंगे।
बैठक में पाण्डुलिपियों के महत्व, उनके संरक्षण की आवश्यकता, अभियान के उद्देश्य, कार्ययोजना एवं समय-सीमा की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन एवं कार्यान्वयन प्रक्रिया पर भी चर्चा की जाएगी।संस्कृति, उच्च शिक्षा और आयुष विभाग की भूमिका को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों तथा पारंपरिक वैद्यों एवं आयुर्वेदाचार्यों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन और सर्वेक्षण के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिले के महाविद्यालयों, पुस्तकालयों, संग्रहालयों, मंदिरों, मठों, आश्रमों, गुरुकुलों एवं निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों का चिन्हांकन और सर्वेक्षण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जिलेवासियों एवं विभिन्न संस्थाओं से अपील की है कि यदि उनके पास जिले से संबंधित 70 वर्ष या उससे अधिक पुरानी कोई पाण्डुलिपि उपलब्ध हो, तो उसे प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस पहल से ‘ज्ञानभारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ में जिले की विशिष्ट पहचान स्थापित होगी।
इस अभियान के माध्यम से जिले की समृद्ध प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



