महिला आरक्षण पर भाजपा के आरोपों का महिला कांग्रेस का पलटवार…
एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा: संसद के पटल पर महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने के बाद से ही भाजपा मुखर होकर देश भर में कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस के खिलाफ देश भर में धरना,प्रदर्शन,पुतला दहन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी के विरोध में अब महिला कांग्रेस भी मैदान में उतर चुकी है। महिला कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार करते देश की महिलाओं को भ्रमित एवं गुमराह करने का आरोप मढ़ा है। इसी मुद्दे को लेकर दंतेवाड़ा महिला कांग्रेस नेत्रियों ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर महिला आरक्षण के मसले पर भाजपा के नियत पर सवाल खड़े किया है।मंगलवार दोपहर 1 बजे राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय में महिला कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव तुलिका कर्मा ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण पर झुठ फैलाकर देश की भोली भाली महिलाओं को गुमराह करने उन्हें भ्रमित करने का काम कर रही है जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है। सितंबर 2023 में संसद में जब महिला आरक्षण बिल पारित हुआ था तो कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इस बिल के समर्थन में वोट किया था। देश की महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिले हम इसके पक्ष में सरकार के साथ खड़े थे।
अगर कांग्रेस इस बिल के विरोध में होती तो इसे पारित कराने मेंं पार्टी समर्थन क्यों करती? जब सारे दलों के समर्थन से यह बिल पास हुआ था तो इसे लागू क्यों नहीं किया? 2023 से लेकर 2025 तक इस कानुन को क्यों लटकाए रखा? अब जब 2026 में देश में 5 राज्यों में चुनाव है तो इसका राजनीतिक फायदा लेने के लिए इसमें परिसिमन कराने के नाम पर इस बिल को फिर से संसद में लेकर आ गए। जब आपका बिल संसद में गिर जाता है तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस का नाम ले लेकर कोसती है और कहती है कांग्रेस ने इस बिल को समर्थन नहीं किया क्योंकि कांग्रेस महिला आरक्षण बिल की विरोधी है। तुलिका कर्मा ने कहा कि ये वही कांग्रेस पार्टी है जिसके तात्कालिन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज अधिनियम इस देश में लागू किया था जहां वार्ड पंच, सरपंच से लेकर विधायक एवं संसद तक में महिलाओं को आरक्षण दिया जिसके वजह से आज लोक सभा एवं राज्य सभा में महिलाएं चुनकर आ रही है ये कांग्रेस सरकार की वजह से हो पाया है और ये हमको महिला विरोधी होने की बात कहते हैं इनको अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए कि इन्होने आज तक महिलाओं के लिए क्या किया है। महिला कांगेस ने भाजपा पर आरोप मढते कहा कि जब से देश में भाजपा की सरकार आई है तब से ओबीसी वर्ग, एसटी,एससी वर्ग अथवा अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को जो लाभ मिलना था वो उससे वंचित हुए हें। भाजपा केवल चुनाव के दौरान ही महिलाओं के हितैषी होने का ढोंग करती है। आज देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकार है।
देश में 12 वर्षो से भाजपा की सरकार है और ये भाजपा के लोग महिलाओं को उनका हक दिलाने की बात कहते हैं तो इन्हें बताना चाहिए कि मणिपुर में हमारी एक बेटी के साथ जिस तरह का बर्बरता पूर्ण व्यवहार हुआ क्या उसके लिए आज तक प्रधानमंत्री,गृहमंत्री ने मणिपुर की जनता एवं देश की जनता से माफी मांगी है, नहीं मांगी है तो फिर आज ये किस मुंह से महिलाओं के अधिकार की बात करते हैं। इस तरह से अनेकों राज्यों में जहां जहां भी भाजपा की सरकार है वहां महिलाओं के अस्मिता के साथ खिलवाड़ हुआ है। भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के साथ छेड़छाड, ब्लात्कार, अपहरण, सैक्सूअल हरासमेंट, जैसी तमाम घटनाएं सामने आती रही हैं भाजपा के राज में महिलाएं असुरक्षित हुई हैं। आज देश में महिला सुरक्षा कानुन कहां है कोई भाजपाई हमें बताए। भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर कोई बड़ा पॉलिटिकल खेल करने जा रही थी जिसे कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने रोका है। हमने ऐसा कर देश एवं संविधान को बचाने का काम किया है जिसका कांग्रेस पार्टी को गर्व है।
महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष इंदिरा शर्मा ने प्रेसवार्ता के दौरान अपनी बात रखते कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को लेकर इतने ही निष्पक्ष थे तो उन्होने 2011 की जनगणना को आधार बनाकर क्यों इस बिल को लाया और परिसिमन को मुद्दा क्यों बनाया? हम तो महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने पर सहमत थे समर्थन भी कर चुके थे 2023 में। भाजपा महिलाओं की आड़ में जो खेल खेलना चाह रही थी उसे कांग्रेगस ने पहचान लिया था इसीिलए हमने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक बिल पर संसद में समर्थन नहीं किया। आरक्षण देना ही है तो 543 सीटों पर ही आरक्षण दिजिए ना महिलाओं को कौन रोका है। जब 128वें संशोधन बिल के तहत 2023 में महिला आरक्षण बिल संसद के पटल पर पास हो चुका है और यह कानुन भी बन चुका है तो फिर परिसिमन जनगणना के आड़ में फिर से बिल में 3-3 संशोधन पास करवाकर आखिर मोदी सरकार क्या करने जा रही थी ये उन्हें ईमानदारी से देश को बताना चाहिए। इंदिरा शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण के मसले पर भाजपा अपना राजनीतिक फायदा देख रही है जिसे देश ने नकार दिया है। भाजपा की मोदी सरकार की विश्वस्नीयता कम होने लगी है इनकी कुर्सी खतरे में दिख रही है इसलिए ये नया पैंतरा सामने लाकर देश का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं इससे ज्यादा इसमें कुछ भी नहीं। देश की आधी आबादी भी मोदी सरकार की असलियत देख समझ चुकी है और वो इनके बुने जाल में फंसने को कतई तैयार नहीं है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा शोरी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की बात करने वाली भाजपा सरकार आज महिला आरक्षण बिल के नाम पर पुरी तरह एक्सपोज हो चुकी है। उन्होने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में आज महिलाएं बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। बीते 2 वर्ष के अंदर जिले में महिलाओं के साथ ब्लात्कार की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। शर्मनाक बात यह है कि महिलाओं के साथ रेप की कई घटनाओं में यहां की प्रशासन ने कोई जांच कारवाई नहीं किया है। हमारी कांग्रेस पार्टी की महिला विंग ने ज्यादातर मामले को उजागर किया है जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफतार किया है यह बेहद की शर्म की बात है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर छ.ग.की साय सरकार पुरी तरह से विफल रही है। हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग में विभाग के ही एक अधिकारी द्वारा महिलाओं के साथ अभद्रता करने का मामला सामने आया है। जांच रिर्पोट में भी यह स्पष्ट हो चुका है कि प्रथम दृष्टया अधिकारी दोषी है बावजुद प्रशासन उसे स्पष्टीकरण के लिए लंबा समय देकर उसे बचाने का प्रयास कर रही है। क्या हम इसी तरह से महिलाओं की सुरक्षा कर पाएंगे उन्हें न्याय दिला पाएंगे। शर्म आनी चाहिए भाजपा की विष्णु देव साय सरकार को। महिला आरक्षण बिल पर केवल हंगामा कर ये देश की महिलाओं का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहते हैं। चुनाव होने वाले राज्यों में महिलाओं का वोट हासिल करने की कोशिश मात्र है इससे ज्यादा कुछ नही। इनकी मंशा महिलाओं को आरक्षण देने की होती तो 2023 में ही कानुन लोकसभा राज्यसभा से पास हो चुका था कानुन बन चुका था इसे आगे क्यों नहीं बढ़ाया। परिसिमन की आड़ में पोलिटीकल फायदा उठाने की कोशिश भाजपा कर रही थी जिसे देश की तमाम विपक्षी पार्टियों ने समर्थन न कर भाजपा को आईना दिखाने का काम किया है जिसका महिला कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है। प्रेसवार्ता के दौरान जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा एवं पार्षद इंदिरा ठाकुर भी मौजूुद थीं।



