नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के प्रमुखों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान एंथ्रोपिक के ‘क्लाउड मिथोस’ से जुड़े संभावित जोखिमों पर चर्चा की गई। कहा गया कि यह एआई इतना शक्तिशाली है कि संभावित रूप से किसी भी सिस्टम को हैक कर सकता है।
सीतारमण ने ऐसा सिस्टम बनाने की सलाह दी है, जो वित्तीय क्षेत्र पर होने वाले किसी भी साइबर हमले की पहचान कर सके और उस पर कार्रवाई कर सके। पुणे के एसबीआई के नए कार्यालय के उद्घाटन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा, ‘भारतीय बैंकों ने खुद के लिए बहुत अच्छा काम किया है कि दशकों से कोई बड़ी घटना नहीं हुई है।’
निर्मला सीतारमण ने किया आगाहहालांकि, उन्होंने आगाह किया कि एडवांस एआई का चैलेंज अलग है और इसे अभी कम समझा गया है। हमारे पास जो सिक्योरिटी सिस्टम रहा है, वह अब पर्याप्त नहीं हो सकता है। उन्होंने बैंकों से सबसे बेहतर साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स और एक्सपर्ट एजेंसियों को लाने, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करने, अलर्ट सिस्टम मजबूत करने और जोखिम आकलन तंत्र विकसित करने का भी आग्रह किया गया।
क्या है एंथोपिक का ‘क्लाउड मिथोस’?यह एंथ्रोपिक कंपनी द्वारा विकसित अब तक का सबसे एडवांस एआई मॉडल है, खासतौर से कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी के लिए डिजाइन हुआ है।
इसकी इतनी चर्चा क्यों है?यह सॉफ्टवेयर की कमियां कहीं ज्यादा तेजी से ढूंढ़ने में सक्षम है। इसने ऑपरेटिंग सिस्टम में करीब 27 साल पुरानी ऐसी खामियां खोज लीं, जिन्हें आज तक कोई इंसान नहीं खोज पाया था।
इसको लेकर इतना डर क्यों है?इससे कोई हैकर महज एक लैपटॉप से दुनिया के किसी भी बड़े बैंक या सरकारी सिस्टम को हैक कर सकेगा। ये ‘हैकर्स के लिए ब्रह्मास्त्र’ है।
क्या ये आम जनता के लिए जारी हुआ?नहीं। इसके खतरों को देखते हुए एंथ्रोपिक ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी चुनिंदा 40 कंपनियों तक ही पहुंच सीमित।
अभी अचानक अलर्ट क्यों जारी हुआ?ऐसी खबरें आई हैं कि एक ‘अनधिकृत समूह’ ने इस एआई तक पहुंच हासिल कर ली है। इससे साइबर हमलों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया।



