Home छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता और बाजार से जुड़ने का मिला...

सुशासन तिहार: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता और बाजार से जुड़ने का मिला सशक्त मंच

0

रायगढ़, 13 मई 2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुशासन तिहार 2026 केवल जनसमस्याओं के निराकरण का मंच ही नहीं, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की आजीविका, स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता को नई पहचान देने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम हाटी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रहे। शिविर में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक एवं घरेलू उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की गई। स्थानीय स्वाद और ग्रामीण हस्तकला से जुड़े उत्पादों को लोगों ने खूब पसंद किया। स्टॉलों में आम अचार, नींबू अचार, पापड़-बड़ी, राखिया बड़ी, आलू चिप्स, मोमबत्ती, सवाई घास से निर्मित टोकरी, बांस की टोकरी एवं सूपा, सुराही तथा झाड़ू जैसे उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महिला समूहों के उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। स्टॉलों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही, जिसके चलते लगभग 8 हजार से 10 हजार रुपए तक की बिक्री हुई। कई लोगों ने उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता को देखते हुए आगे के लिए ऑर्डर भी दिए। बोकरामुड़ा की एकता स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित मोमबत्तियां, ग्राम सिथरा की बुलबुल समूह द्वारा तैयार सुराही, कुड़ेकेला की जय अंबे स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार अचार, पापड़ और बड़ी, ग्राम हाटी की ज्योति स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार झाड़ू और निश्चय प्रेरणा समूह द्वारा तैयार सवाई घास की टोकरी, बांस की टोकरी एवं सूपा को लोगों ने खूब पसंद किया। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कला से तैयार इन उत्पादों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here