सुरेश मिनोचा कोरिया : कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से लगे ग्राम कंचनपुर निवासी किसान मंगलसाय के लिए कभी पशुपालन और दुग्ध उत्पादन का कार्य घाटे का सौदा साबित हो रहा था, लेकिन मनरेगा योजना के तहत मिले पक्के पशु शेड ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया। अब यही व्यवसाय उनके लिए अच्छी आय का जरिया बन गया है।
मंगलसाय लंबे समय से दुधारू पशुओं के माध्यम से दूध उत्पादन का कार्य कर रहे थे, लेकिन पक्के शेड के अभाव में बारिश और ठंड के मौसम में पशु लगातार बीमार पड़ जाते थे। साफ-सफाई और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं होने से दूध उत्पादन भी प्रभावित होता था। परिणामस्वरूप उन्हें व्यवसाय में कोई विशेष लाभ नहीं मिल पा रहा था। ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा योजना के तहत लगभग सवा लाख रुपये की लागत से मंगलसाय के लिए पक्का पशु शेड तैयार कराया गया। शेड बनने के बाद पशुओं की देखभाल आसान हो गई और बीमारियां भी कम हो गईं। इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ा।
मंगलसाय ने बताया कि अब प्रतिदिन लगभग 25 से 30 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। पहले जहां आमदनी केवल खर्च निकालने तक सीमित थी, वहीं अब उन्हें अच्छा मुनाफा मिलने लगा है। बढ़ती आय से उत्साहित होकर वह अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
मनरेगा योजना के तहत मिली यह सहायता ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का बेहतर उदाहरण बनकर सामने आई है।



