हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का विशेष महत्व है। इस महीने में आने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सभी संकट, दुख-दर्द और आर्थिक तंगी दूर हो जाती है। 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जाएगा। तो अगर आप भी बड़े मंगल पर बजरंगबली को प्रसन्न करना चाहते हैं तो जानिए पूजा की सही विधि और सामग्री के बारे में।
बड़ा मंगल पूजा सामग्री लिस्ट
- हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर
- तुलसी की माला
- गेंदा या गुलाब का फूल
- आसन
- सिंदूर और चमेली का तेल
- गंगाजल
- कलावा, अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)
- पान का बीड़ा
- शुद्ध घी, चमेली के तेल का दीपक, धूप बत्ती और कपूर
- केला
- बेसन के लड्डू, बूंदी, या शुद्ध घी में बना चूरमा
बड़ा मंगल पूजा विधि
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहन लें और फिर व्रत का संकल्प लें।
मंगलवार के दिन लाल या पीले रंग के कपड़ा पहनना शुभ होता है।
घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूजा स्थान पर एक चौकी रखें।
उस पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
साथ ही प्रभु श्री राम और माता सीता की भी तस्वीर या मूर्ति रखें और पूजा करें।
गंगाजल छिड़कर कर हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल का तिलक लगाएं।
बजरंगबली को लाल फूल और कलावा अर्पित करें। इ
सके बाद बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं।
भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। तुलसी के बिना हनुमान जी भोग पूरा नहीं माना जाता है।
आसन पर बैठकर ‘ॐ हं हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें।
इसके बाद हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।
पूजा के अंत में घी का दीपक या कपूर जलाकर हनुमान जी की आरती करें।



