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भीषण गर्मी में ग्रामीणों के लिए राहत बना प्रशासन, बंद हैंडपंपों की मरम्मत से गांवों में लौटी पानी की सुविधा

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सुरेश मिनोचा एमसीबी :  जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। ऐसे समय में जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) आमजन को राहत पहुंचाने के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत शिवपुर सहित कई गांवों में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत, निरीक्षण एवं सुधार कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।गर्मी के मौसम में जलस्रोतों पर बढ़ते दबाव और भूजल स्तर में गिरावट के कारण कई गांवों में हैंडपंप खराब होने तथा पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। जिला प्रशासन ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभागीय अमला लगातार गांव-गांव पहुंचकर बंद एवं खराब पड़े हैंडपंपों की जांच कर रहा है और तकनीकी खराबियों को तत्काल दूर कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने में जुटा हुआ है।

ग्राम पंचायत शिवपुर में लंबे समय से खराब पड़े हैंडपंपों के सुधरने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि भीषण गर्मी में पानी की समस्या से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन विभाग द्वारा समय पर मरम्मत कार्य किए जाने से अब पेयजल की उपलब्धता फिर से सामान्य हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभागीय कर्मचारियों की सक्रियता एवं संवेदनशीलता की सराहना की।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी गांव में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। विभागीय टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जो शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर हैंडपंपों की मरम्मत एवं सुधार कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही जल स्रोतों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि गर्मी के पूरे मौसम में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनी रहे। जिन क्षेत्रों में पानी की अधिक समस्या सामने आ रही है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों को पेयजल संकट से राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है और शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के साथ-साथ संवेदनशील और जवाबदेह शासन व्यवस्था का भी उदाहरण बनकर सामने आई है। भीषण गर्मी के बीच प्रशासन द्वारा की जा रही त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में भरोसा और संतोष का माहौल दिखाई दे रहा है।

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