सूर्य ग्रहण विज्ञान की दृष्टि से तो अहम माना ही जाता है इसके अलावा इसका विशेष धार्मिक महत्व भी होता है। ज्योतिष में सूर्य ग्रहण लगना अशुभ माना गया है इसलिए इस दौरान शुभ कार्यों को करने की मनाही हो जाती है। इतना ही नहीं ग्रहण के समय पूजा-पाठ तक नहीं की जाती और न ही भगवान की मूर्तियों को स्पर्श किया जाता। बता दें इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था और अब दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त में लगेगा। चलिए जान लेते हैं दूसरे सूर्य ग्रहण की डेट और टाइमिंग।
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को श्रावण अमावस्या के दिन लगेगा। ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और समापन 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। यह एक कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा जो कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा।
ग्रहण कहां-कहां दिखेगा
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, आर्कटिक उत्तरी स्पेन, रूस का उत्तर पूर्वी क्षेत्र, उत्तर पश्चिम अफ्रीका के देश, अटलांटिक महासागर, फ्रांस, ब्रिटेन, यूरोप के अधिकतर देशों और इटली में दिखाई देगा।
सूतक काल लगेगा या नहीं?
12 अगस्त के सूर्य ग्रहण का सूतक काल नहीं लगेगा क्योंकि ये ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल केवल उसी स्थिति में मान्य होता है जब ग्रहण अपने क्षेत्र में आंखों से दिखाई दे रहा हो। सूतक न लगने के कारण ग्रहण के समय किसी भी तरह के मांगलिक कार्य पर कोई रोक नहीं रहेगी और इस दौरान मंदिरों के कपाट भी खुले रहेंगे।
भारत से कैसे देख पाएंगे सूर्य ग्रहण?
आप सूर्य ग्रहण के अद्भुत नजारे को डिजिटल माध्यमों से देख सकते हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA और Time and Date जैसी कई वेबसाइट्स अपनी आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर हर एक ग्रहण का लाइव प्रसारण करती हैं।



