कोरिया :आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए कोरिया जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। मनरेगा के तहत जिले में स्वीकृत 900 से अधिक श्रममूलक कार्यों में 18 हजार से ज्यादा पंजीकृत अकुशल श्रमिक प्रतिदिन रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव के निर्देशन में सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में श्रममूलक कार्य स्वीकृत किए गए हैं, ताकि काम मांगने वाले प्रत्येक श्रमिक परिवार को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता
मनरेगा, जो आगामी जुलाई माह से वीबी जीरामजी योजना के नाम से जानी जाएगी, के अंतर्गत जिले में जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है। जिले में 18 से अधिक नवा तरिया एवं तालाब पुनरुद्धार कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा कंटूर ट्रेंच, डबरी और सीसीटी जैसे 100 से अधिक कार्यों को 15 जून से पहले पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ तेजी से कराया जा रहा है।
फेस ऑथेंटिकेशन से ऑनलाइन हाजिरी
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से दर्ज की जा रही है। इससे योजना की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ श्रमिकों को नियमित रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
सभी 163 ग्राम पंचायतों में जारी हैं कार्य
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार आगामी 15 जून से पहले सभी मिट्टी कार्यों को अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने हेतु कार्ययोजना बनाकर तेजी से कार्य कराया जा रहा है। जिले की सभी 163 ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की संख्या के अनुसार कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बैकुण्ठपुर जनपद क्षेत्र में प्रतिदिन 9 हजार 500 से अधिक तथा सोनहत जनपद क्षेत्र में 8 हजार 500 से अधिक पंजीकृत श्रमिक कार्य कर रहे हैं।
श्रमिकों के खातों में पहुंचे 15 करोड़ रुपये
जिला पंचायत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्र से राशि प्राप्त होते ही जिले के श्रमिकों के खातों में लंबित मजदूरी भुगतान सीधे डीबीटी माध्यम से किया गया है। बीते एक सप्ताह में लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक की मजदूरी राशि श्रमिकों के खातों में जमा कराई जा चुकी है।
गर्मी से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी कार्यस्थलों पर सुबह जल्दी कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। दोपहर के समय कार्य बंद रखकर बाद में पुनः कार्य कराया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक कार्यस्थल पर स्वच्छ पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।



