एमसीबी : कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संतन देवी जांगड़े ने कृषि, खाद्य, विपणन विभाग और सहकारिता बैंक के अधिकारियों को किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी एसडीएम, विभागीय अधिकारी एवं आरईएओ उपस्थित रहे।
बैठक में एग्रीस्टैक आईडी सैचुरेशन, धान खरीदी केंद्रों में धान उठाव, खाद-बीज वितरण और जिले में पेट्रोल-डीजल उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
एग्रीस्टैक अपडेट को लेकर कलेक्टर ने भरतपुर, खड़गवां और मनेंद्रगढ़ विकासखंडों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों को अगली समीक्षा बैठक से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों को पटवारियों के साथ समन्वय बनाकर लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने वन अधिकार पट्टा धारकों, संयुक्त खाताधारक किसानों और मृत किसानों के मामलों में विशेष गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। मृत किसानों के मृत्यु प्रमाण पत्र तत्काल अपलोड करने और दस्तावेजों को शीघ्र अपडेट कराने पर जोर दिया गया। साथ ही सीएससी सेंटर संचालकों की मदद से किसानों के आधार और मोबाइल नंबर अपडेट कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि यदि किसानों का एग्रीस्टैक अपडेट नहीं होगा तो भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने और समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
खाद एवं बीज वितरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीओएस मशीन के बिना खाद वितरण नहीं किया जाएगा। जिन समितियों में मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
खाद-बीज की कालाबाजारी पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि कोई दुकानदार किसानों को अधिक कीमत पर खाद बेचता पाया गया या शिकायत मिली, तो तत्काल खाद जब्त कर दुकान सील की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
बैठक में धान खरीदी केंद्रों में धान उठाव की समीक्षा भी प्रमुख मुद्दा रही। कलेक्टर ने जिले के 25 उपार्जन केंद्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए धीमी गति वाले केंद्रों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि धान उठाव में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों को निर्बाध रूप से ईंधन उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम संकट उत्पन्न न होने पाए।



