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खनिज माफिया, खनिज विभाग व पुलिस प्रशासन की सांठगांठ से शासन को हर माह लग रहा लाखों का चूना

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अनुपपुर : जिले के कोतमा जनपद के भालूमाडा, कोतमा, बिजुरी, राजनगर इलाके में पुलिस और खनन माफिया की जुगलबंदी से हर महीने खुलेआम 24 घंटे खनिज रेत की चोरी व परिवहन तथा अवैध भंडारण किया जा रहा है, जिससे शासन को हर महीने राजस्व की बड़ी क्षति हो रही है। पुलिस अनुविभाग कोतमा अंतर्गत पुलिस थाना और चौकी क्षेत्रों में यदाकदा नाम मात्र की कार्यवाही कर महज औपचारिकता कर दी जाती है, इससे यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि अवैध रेत की चोरी जारी है। बिजुरी थाना के कुछ पुलिसकर्मी पूरी रात इन माफियाओं को अवैध रेत परिवहन में भरपूर सहयोग करते हैं, बिजुरी पुलिस के काम करने का अंदाज ही निराला है, थाना क्षेत्र के केवई नदी, कोठी, ग्राम थानगांव, ग्राम बहेराबांध, कनई नदी, बेलगांव, ग्राम छतई में रात्रि 8 बजे से सुबह 8 तक लगभग एक दर्जन ट्रैक्टर तथा मिनी ट्रक के साथ हथियार बंद अपराधिक पृष्ठभूमि के लोग अपने वाहन लेकर पूरी रात गुंडागर्दी के साथ अवैध रेत परिवहन किया जाता है, यदि कोई भी व्यक्ति रास्ते में या कहीं भी इन्हें बोलने या रोकने टोकने की कोशिश की गई तो उसकी खैर नहीं, मसलन यह कुछ भी, किसी भी हद तक जा सकते हैं, कई बार रेत माफियाओं के विरुद्ध शिकायत करने पर लोगों के साथ मारपीट भी की गई, जानकारी के अनुसार राज्य शासन के अलावा कुछ पुलिस अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्र का अवैध रेत परिवहन करने का ठेका देते है, जिले में यह अवैध योजना काफी समय से लागू है, यही वजह है कि पुलिस शिकायत के बाद भी रेत माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करना चाहती, उल्टे शिकायत करने वालों पर ही फर्जी मामले दर्ज कर दिए जाते हैं, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, कुछ समय पहले एक पत्रकार ने उक्त अवैध कार्यों का कवरेज करने गया हुआ था, जिस पर फर्जी मामला दर्ज कर लिया गया और मारपीट भी की गई, इससे यह तो स्पष्ट है कि पुलिस अपराधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, देशभक्ति जन सेवा की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी, उल्लेखनीय है कि जीवनदायिनी केवई नदी से प्रतिदिन लगभग 100 से 150 ट्रिप अवैध रेत परिवहन किया जाता है, उक्त क्षेत्र के किसी भी शहर गांव ,कस्बे में अधिकांश स्थानों में बिना ईटीपी के अवैध रेत का भंडारण बड़े पैमाने पर किया गया है, कभी भी इसकी जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते है।

जहां से रेत खनन किया जाता है, उन क्षेत्रों का भी निरीक्षण करना आवश्यक है, रेत परिवहन में संलग्न अधिकांश वाहनो से नंबर प्लेट ही गायब है, नंबर की तो बात ही न करे, उक्त कार्यों को अंजाम देने वाले अधिकांश व्यक्ति अपराधिक लोग हैं, जिनके ऊपर कई गंभीर मामले दर्ज है, इनके द्वारा बिना ई-टीपी के 5 से 10 हजार रुपए महंगे दामों में रेत की अवैध रूप से बिक्री की जाती है, पुलिस के साथ खनिज विभाग भी इन सब बातों से अनजान नहीं है, उसके बावजूद भी कार्यवाही करने में दोनों लाचार है, जिला खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कार्यवाही करने की फुर्सत ही नहीं है, रेत माफिया निर्भीक होकर राज्य शासन को हर वर्ष करोड़ों का चूना लगा रहे हैं, विभागीय अधिकारियो को जैसे सांप सूंघ गया हो, शिकायत करने के बाद भी ठोस कार्यवाही न करना कई संदेशों को जन्म देता है, रेत माफिया पूरे क्षेत्र में रात भर तांडव करते हैं और सब के सब इस मामले में खामोश है।

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