Home छत्तीसगढ़ स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति SMC का करना होगा गठन, राज्य सरकार...

स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति SMC का करना होगा गठन, राज्य सरकार ने कलेक्टर्स व डीईओ को जारी किया आदेश

0

रायपुर : सोमवार 16 जून से छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स व डीईओ को पत्र लिखकर सभी स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन करने का आदेश दिया है। समिति गठन के लिए मापदंड भी तय कर दिया है। समिति का कार्यकाल दो साल का होगा। समिति में किसे शामिल करना है, यह भी तय कर दिया है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी पत्र में लिखा है, 06 मई, 2026 को भारत सरकार द्वारा जारी “Guideline for SMCs-2026” के अनुक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की नई दिशा-निर्देश जारी की जा रही है। विद्यालय प्रबंधन समिति में प्रारंभिक विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 12वीं तक) तक शामिल होगी और इसे विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC) की जगह लागू किया जाएगा।

विद्यालय प्रबंधन समिति

विद्यालय प्रबंधन समिति में विद्यार्थियों के अभिभावक, संरक्षक, स्थानीय प्राधिकरण का प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, विषय विशेषज्ञ, विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी और वंचित समूहों के प्रतिनिधि इत्यादि शामिल होंगे। विद्यालय प्रबंधन समिति में सदस्यों की संख्या बच्चों के नामांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी- अधिकतम 100 विद्यार्थी, 12-15 सदस्य, 100-500 विद्यार्थी, 15-20 सदस्य, 500 से अधिक विद्यार्थी, 20-25 सदस्य

विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्यों के चयन के मापदंड

SMC की कुल सदस्य संख्या का 75 प्रतिशत बच्चों के अभिभावक या संरक्षक में से होना चाहिए

शेष 25 प्रतिशत सदस्य इन व्यक्तियों में से चुने जाएंगे: एक तिहाई सदस्य स्थानीय प्राधिकरण (नगर निगम/नगर परिषद/जिला परिषद्/नगर पंचायत/पंचायत) के निर्वाचित सदस्यों में से, जिन्हें स्थानीय प्राधिकरण द्वारा चुना जाएगा। (ख) एक तिहाई सदस्य विद्यालय के शिक्षकों में से, जिन्हें विद्यालय के शिक्षकों द्वारा चुना जाएगा। शेष एक तिहाई सदस्य स्थानीय शिक्षाविद्, विषय विशेषज्ञ, अकादमिक, वरिष्ठ एवं पूर्व विद्यार्थी समुदाय के अग्रिम कार्यकर्ता जैसे- आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता और सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) जो विद्यालय के आसपास कार्यरत हो- में से चुने जाएंगे। इन सदस्यों का चयन समिति के अभिभावक प्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।

समिति गठन के लिए जारी किया डेडलाइन, एक सप्ताह के भीतर होगी पहली बैठक

प्रत्येक विद्यालय में शैक्षणिक वर्ष की शुरूआत के एक महीने के भीतर विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन करना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन समिति में कुल सदस्य संख्या का 50 प्रतिशत महिला सदस्य होना अनिवार्य है। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों SEDGS जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग आदि तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों CWSN) के अभिभावकों, संरक्षकों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना होगा। एसएमसी के गठन के पश्चात नई समिति की पहली बैठक अगले कार्यदिवस या अधिकतम एक सप्ताह के भीतर आयोजित की जा सकती है। पहली बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।

विद्यालय प्रबंधन समिति की संरचनाः

  • अध्यक्ष- माता-पिता/अभिभावक (निर्वाचित सदस्य)
  • उपाध्यक्ष- . माता-पिता / अभिभावक (निर्वाचित सदस्य)
  • सदस्य- विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता/अभिभावक, स्थानीय प्राधिकरण के निर्वाचित सदस्य, विद्यालय के शिक्षक, शिक्षा विशेषज्ञ / विषय,. स्थानीय विशेषज्ञ / शैक्षणिक विशेषज्ञ/विद्यालय के विद्यार्थी एवं पूर्व विद्यार्थी/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (AWW) / मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHA) / सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM)
  • सदस्य सचिव: प्राचार्य, प्रधानपाठकख्वि द्यालय प्रभारी।

बैठक: विद्यालय के प्रभावी संचालन हेतु नियमित बैठक अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक माह में कम से कम एक बैठक आयोजित किया जाना है। किसी भी निर्णय की वैधता के लिए समिति के न्यूनतम 50 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति (कोरम) आवश्यक होगी। सभी बैठकों की कार्यवाही विवरण का समुचित अभिलेखन किया जाएगा, जिसे समिति के सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया जाएगा तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय के सूचना पटल पर अथवा उपलब्ध होने पर डिजिटल माध्यम से सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा सकता है।

कार्यकाल: विद्यालय प्रबंधन समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। समिति कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी तब तक जारी रह सकती है जब तक नई समिति का गठन नहीं हो जाता। नई समिति के गठन की प्रक्रिया समिति के कार्यकाल समाप्त होने से पहले आरंभकरना उपयुक्त होगा। किसी भी सदस्य को एक और कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन एक सदस्य लगातार दो कार्यकाल से अधिक कार्य नहीं कर सकता, सिवाय सदस्य सचिव के।

विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका एवं कार्य

विद्यालय प्रबंधन समिति, विद्यालय संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका एवं कार्य

  • सभी विद्यार्थियों के लिए नामांकन, निरंतर उपस्थिति और समावेशी शिक्षण अवसर सुनिश्चित करना।
  • ड्रॉप आउट और विद्यालय से बाहर बच्चों (Oosc) को मुख्यधारा में लाने के लिए नामांकन अभियान।
  • विद्यार्थी के अधिकारों का समय पर वितरण सुनिश्चित करना।
  • अभिभावक शिक्षक बैठक (PTM) में सहयोग।
  • शैक्षणिक योजना एवं समर्थन।
  • आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) लक्ष्यों की प्राप्ति में सहयोग।
  • प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN) एवं स्वास्थ्य पहल।
  • सामुदायिक सहभागिता एवं संसाधन संकलन।
  • विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एंव कल्याण सुनिश्चित करना।
  • विद्यालय द्वारा तीन वर्षीय विद्यालय विकास योजना (SDP) तैयार किया जाना होगा।
  • शाला अनुदान की राशि से प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया जावे कि शालाओं में निर्धारित तय सीमा अनुसार ध्वनि विस्तारण यंत्र के साथ प्रार्थना एवं अन्य सामुहिक गतिविधियां संचालित हो।
  • शाला अनुदान की राशि से शौचालय को क्रियाशील बनाया जाना सुनिश्चित करें एवं शाला में विशेषतः विद्युत, पंखा एवं लाईट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here