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शासकीय भूमि पर मुरूम माफियागिरी? उपसरपंच पर अवैध खनन का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

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बिलासपुर (कैलाश वस्त्रकार) : सकरी से लगे ग्राम देवरीकला में शासकीय भूमि से कथित रूप से अवैध मिट्टी और मुरूम खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने गांव के उपसरपंच सुरेश वस्त्रकार पर जेसीबी मशीन लगाकर सरकारी जमीन की खुदाई कराने और निकाली गई मुरूम का उपयोग अपने निर्माणाधीन मकान में करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव की शासकीय भूमि पर कई दिनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी और मुरूम निकाली जा रही थी। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से खनन किया गया तथा निकाली गई सामग्री को निजी उपयोग के साथ-साथ अन्य स्थानों पर डंप भी किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि खनन स्थल से बड़ी मात्रा में मुरूम हटाई गई है, जिससे शासकीय भूमि की स्थिति भी प्रभावित हुई है।

मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब कुछ ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर वीडियो और फोटो बनाना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैमरा चलते देख खनन कार्य में लगी जेसीबी और ट्रैक्टरों को तत्काल वहां से हटा लिया गया। इसके बाद गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व, पंचायत एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण कर यह पता लगाए कि खनन के लिए कोई वैध अनुमति थी या नहीं। यदि बिना अनुमति शासकीय भूमि से मुरूम निकाली गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और शासन को हुए नुकसान का आकलन कर वसूली की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा ही शासकीय भूमि का दोहन किया जाएगा तो नियमों और कानूनों का पालन कौन करेगा। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस मामले में जांच होती है या आरोप केवल आरोप बनकर रह जाते हैं।

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