सर्वमान्य नियमावली और निर्वाचन व्यवस्था पर बनी सहमति, पार-फिरका के अस्तित्व को बनाए रखने पर जोर
बिलासपुर (कैलाश वस्त्रकार) : छत्तीसगढ़ प्रांत नाई सेन समाज (पंजीयन क्रमांक 82) के बैनर तले रायपुर के वृंदावन हॉल में प्रदेश के विभिन्न पार-फिरका संगठनों के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक समन्वय, सर्वमान्य नियमावली निर्माण तथा आगामी प्रांतीय निर्वाचन की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक का शुभारंभ संत शिरोमणि नंदा सेन जी महाराज की पूजा-अर्चना से हुआ। प्रांत सचिव भुवनलाल कौशिक ने बैठक के प्रमुख एजेंडों की जानकारी देते हुए सभी पार-फिरका संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए। इस दौरान विभिन्न समाजों के प्रदेशाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने प्रांत नाई सेन समाज की पहल का स्वागत करते हुए संगठन की मजबूती और समाज की एकता के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक में पार-फिरका प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनकी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था एवं अस्तित्व सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बेटी पक्ष से जुड़े मामलों का निराकरण पार-फिरका स्तर पर तथा रोटी एवं अन्य सामाजिक विषयों का समाधान सर्व सेन समाज के माध्यम से किया जाए। साथ ही सर्वमान्य नियमावली तैयार कर सभी पार-फिरकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और प्रत्येक परिवार से एक मतदाता बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
वक्ताओं ने समाज की आर्थिक सुदृढ़ता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाने पर जोर दिया। साथ ही समाज को राजनीतिक मंच बनाने के बजाय सामाजिक एकता और विकास के उद्देश्य से कार्य करने की बात कही गई।
प्रांताध्यक्ष पुनीत राम सेन ने कहा कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ही प्रमुखों एवं जिलाध्यक्षों की पुनः बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी पार-फिरका की उपेक्षा नहीं होगी और सभी को समान सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने सेन समाज के सभी वर्गों से एक मंच पर आकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
महासचिव रुद्र कुमार सेन ने बैठक की सफलता पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता ही उसके विकास और सम्मान की सबसे बड़ी शक्ति है।
बैठक में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग सहित मुंगेली, कोरबा, रायगढ़, महासमुंद, कवर्धा, बेमेतरा, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, कांकेर, धमतरी, कोंडागांव, बलौदाबाजार, नारायणपुर, दंतेवाड़ा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने सहभागिता की। समाज के प्रतिनिधियों ने सर्व सेन समाज पंजीयन क्रमांक 82 के उद्देश्य एवं सामाजिक एकता के प्रयासों का समर्थन किया।



