बिलासपुर : छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। कोर्ट ने कहा है, यदि कोई आश्रित, दिवंगत पंचायत शिक्षक के पद के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता नहीं रखता है, तो उसे योग्यता की कमी के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से पूरी तरह वंचित करना मनमाना है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय के सिंगल बेंच ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है, ऐसे आश्रितों को स्वीकृत और रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने पर विचार करें।
पढ़िए क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता कमला पैकरा के पति सुखदेव प्रसाद पैकरा, रायगढ़ जिले में शिक्षक (पंचायत) के पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल के दौरान 30 मार्च 2014 को उनका निधन हो गया था। याचिकाकर्ता ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी CEO, जिला पंचायत, रायगढ़ ने 6 अक्टूबर 2021 को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि महिला के पास ‘सहायक शिक्षक’ पद के लिए आवश्यक योग्यता नहीं है। साथ ही विभाग का यह भी तर्क था कि दिवंगत शिक्षक पंचायत के आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने का नीति में कोई प्रावधान नहीं है।
राज्य सरकार के सरकुलर्स का अधिवक्ता ने दिया हवाला
याचिका की सुनवाई जस्टिस राकेश माेहन पांडेय के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अभिनव तिवारी ने विभाग की बदलती नीतियों को कोर्ट के सामने रखते हुए कहा, 2014 के सर्कुलर के अनुसार आश्रित को सहायक शिक्षक (पंचायत) के रिक्त पद पर नियुक्ति का नियम था, बशर्ते वह योग्यता रखता हो। इसके बाद राज्य सरकार ने 2016 के सर्कुलर में योग्यता न होने पर आश्रितों को ‘ग्राम पंचायत सचिव’ के पद पर नियुक्त करने का प्रावधान लाया। राज्य सरकार ने 28 जून 2017 को सचिव पद वाला सर्कुलर वापस ले लिया, जिससे पंचायत शिक्षकों के कम पढ़े-लिखे आश्रितों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया। अधिवक्ता ने कहा, इन परिस्थितियों में सरकार को उनके नाम पर किसी भी रिक्त चतुर्थ श्रेणी पद के लिए विचार करना चाहिए था।
याचिकाकर्ता को चार महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश
कोर्ट ने जिला पंचायत सीईओ के तर्कों को खारिज करते हुए कहा, सिर्फ इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति देने से इनकार करना कि विचार करने की तिथि पर याचिकाकर्ता के पास सहायक शिक्षक पद की आवश्यक योग्यता नहीं थी, पूरी तरह से अतार्किक, अनुचित और मनमाना है।
कोर्ट ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी CEO, जिला पंचायत, रायगढ़ को निर्देशित किया है, याचिकाकर्ता को स्वीकृत और रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए मामले पर नए सिरे से विचार करें। इस पूरी प्रक्रिया को आदेश की प्रति मिलने के 4 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश कोर्ट ने दिया है।



