गरियाबंद : जिले के शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रहे संलग्नीकरण (अटैचमेंट) पर आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई कर दी है। शिक्षा विभाग से जुड़े 17 शिक्षक एवं कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करते हुए उन्हें तत्काल उनकी मूल पदस्थ संस्थाओं में लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित सभी शिक्षक-कर्मचारियों को बिना देरी किए अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), प्राचार्यों और कार्यालय प्रमुखों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि मूल संस्था में जॉइनिंग के बाद ही अगले माह का वेतन जारी किया जाएगा।

गौरतलब है कि 26 जून को प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद गरियाबंद जिले में इस पर अपेक्षित गति से कार्रवाई नहीं हो रही थी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आदेश के तत्काल पालन की मांग की थी और कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी भी दी थी।
इसी बीच देवभोग विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने 17 शिक्षक-कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें उनकी मूल पदस्थ संस्थाओं में वापस भेजने के आदेश जारी कर दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी स्पष्ट किया है कि जिले में संलग्न सभी शिक्षक-कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मूल स्कूलों में भेजा जाएगा। यदि कोई कर्मचारी आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



