मनेन्द्रगढ़ : रेडक्रॉस सोसायटी के जिलाध्यक्ष एवं चेयरमैन शैलेष जैन ने जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षित पदयात्रा (विहार) के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए गए विशेष सुरक्षा प्रबंधों का स्वागत करते हुए इसे धार्मिक आस्था और मानवीय संवेदनाओं का सम्मान बताया है।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास से पूर्व जैन साधु-साध्वियां देशभर में पैदल विहार करते हैं। बढ़ते यातायात और व्यस्त सड़कों के बीच उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में राज्य शासन एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विहार मार्गों पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश देना दूरदर्शी एवं सराहनीय निर्णय है।
शैलेष जैन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के प्रति शासन की समान सम्मान और संवेदनशील सोच को दर्शाता है। इससे श्रद्धालुओं में विश्वास बढ़ा है और समाज में सकारात्मक संदेश गया है।
उन्होंने कहा कि जैन साधु-साध्वियां अहिंसा, संयम, तप और मानव कल्याण का संदेश लेकर पदयात्रा करते हैं। उनका जीवन समाज को नैतिकता, सादगी और अनुशासन की प्रेरणा देता है। ऐसे संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
शैलेष जैन ने आम नागरिकों से अपील की कि विहार के दौरान वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें तथा जैन साधु-साध्वियों के प्रति सम्मान और सहयोग का भाव रखें। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से जैन समाज की धार्मिक परंपराओं को संरक्षण मिलेगा और प्रदेश में सामाजिक सद्भाव एवं धार्मिक सौहार्द की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी भविष्य में भी मानव सेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़े जनहितकारी प्रयासों का समर्थन करती रहेगी।



