मनेन्द्रगढ़ : समाज सेवा और शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द एसोसिएशन वी क्लब ऑफ इंडिया, मनेन्द्रगढ़ समर्पण द्वारा वार्ड क्रमांक-11 स्थित काली मंदिर परिसर में जरूरतमंद बच्चों के लिए सेवा एवं शिक्षा सहयोग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतलें और बिस्कुट वितरित किए गए। साथ ही एक जरूरतमंद बच्चे की पूरे वर्ष की शिक्षा का खर्च उठाने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्लब की पूर्व अध्यक्ष एवं डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन बबीता अग्रवाल ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति एक जरूरतमंद बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठा ले, तो कोई भी बच्चा अशिक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के समग्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने एक बच्चे की पूरे वर्ष की शैक्षणिक आवश्यकताओं का खर्च वहन करने की घोषणा करते हुए अन्य लोगों से भी इस तरह की पहल करने की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन वार्ड क्रमांक-11 के पार्षद मुकेश अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान बच्चों के साथ उपस्थित उनकी माताओं ने क्लब के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में इस प्रकार की पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
क्लब की अध्यक्ष बेबी मखीजा ने बच्चों को टिफिन बॉक्स एवं पानी की बोतलें वितरित करते हुए कहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने से बड़ा कोई सेवा कार्य नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी क्लब जरूरतमंद परिवारों के लिए ऐसे सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
क्लब की सदस्य निधि अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की मजबूत नींव है और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल शासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की भी है। यदि प्रत्येक सक्षम नागरिक एक बच्चे की शिक्षा का सहयोग करने का संकल्प ले, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
कार्यक्रम में सेवा, सहयोग और सामाजिक सरोकार की भावना देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर क्लब की सदस्य रजनी अग्रवाल, ज्योति मजूमदार, संध्या तिवारी सहित अन्य सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज में शिक्षा के महत्व का संदेश देना था।



