अनीता गर्ग अमन पथ ब्यूरो चीफ रायगढ़: छाल क्षेत्र में कोयला खनन से प्रभावित ग्राम लात, खेदापाली, बांधापाली , उपसरपंच शिव नाथ अकेला , जनपद सदस्य संतराम खूंटे , जनप्रतिनिधि, एवं अन्य गांव के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर तहसील कार्यालय छाल का घेराव किया। ग्रामीणों ने विस्थापन, पानी, बिजली, रोजगार और सड़क जैसी 13 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उपसरपंच शिव नाथ अकेला के नेतृत्व में 20 जून को ग्रामीणों के साथ मिलकर के साथ १३ सूत्रीय मांगों को लेकर छाल तहसील कार्यालय में ज्ञापन दिया गया था।
ग्रामीणों का पक्ष: “वादा पूरा नहीं हुआ
ग्रामीणों का कहना है कि 22 जून 2026 को SECL प्रबंधन, तहसील प्रशासन और ट्रक यूनियन की बैठक में हुए निर्णयों पर अब तक अमल नहीं हुआ है।
उप-सरपंच उमा शिव नाथ अकेला ने कहा, “हम सालों से पानी और बिजली के लिए परेशान हैं। स्कूल बस नहीं है, रोजगार नहीं मिल रहा। अगर 4 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो हम SECL का घेराव और चक्का जाम करेंगे।”
SECL का पक्ष: “सहयोग जारी है
घेराव की सूचना पर *SECL उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री के.सी. सुरेन्द्र नाथ* तहसील पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनते हुए कहा कि कंपनी ग्रामीण विकास के लिए निरंतर सहयोग कर रही है।
SECL अधिकारियों ने बताया कि *ग्रामों में पानी टैंकर, स्कूल बस, के लिए यहां से प्रक्रिया पूर्ण कर टेंडर के लिए फाइल हेड ऑफिस भेज दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि *पीडब्ल्यूडी द्वारा बनने वाली सड़क के लिए SECL ने शासन को आवश्यक राशि पहले ही जमा कर दी है*। अब सड़क निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। फिर भी बीच बीच में हमारे द्वारा गड्ढों के भराव का कार्य कराया जा रहा है।
तहसीलदार ने दिया 4 दिन का समय
मामले को शांत कराने के लिए *तहसीलदार लोमेश मीरी* ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को सुनने के बाद SECL को 13 सूत्रीय मांगों पर *4 दिन के भीतर कार्यवाही शुरू करने का निर्देश* दिया।
तहसीलदार ने बैठक में अनुपस्थित रहने पर रायगढ़ एरिया महाप्रबंधक (GM ) के खिलाफ नियमानुसार वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की भी बात कही।
समझौते की कोशिश
उपक्षेत्रीय प्रबंधक के .सी. सुरेन्द्र नाथ ने कहा कि *”हम ग्रामीणों के साथ हैं। कंपनी ने हमेशा विकास कार्यों में सहयोग किया है और आगे भी करेगी। कुछ मुद्दे शासन स्तर के हैं, उन्हें भी तेजी से हल किया जाएगा।”*
ग्रामीणों ने फिलहाल 4 दिन का समय दिया है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
प्रमुख मांगें: पेयजल, मकान सर्वे, बिजली, स्कूल बस, 60-70 एकड़ भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार, ठेका में प्राथमिकता, पुनर्वास स्थल का विकास, कोयला ट्रकों के लिए वैकल्पिक मार्ग।



