भरतपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय का मामला, शिक्षा व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप; जांच कर कार्रवाई की मांग
मनेन्द्रगढ़ : जिले के भरतपुर तहसील अंतर्गत एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सरकारी शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद आरोप लगाया कि स्कूल नियमित रूप से शिक्षकों के बजाय स्वीपर के भरोसे संचालित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बच्चे तो मौजूद थे, लेकिन शिक्षक अनुपस्थित मिले।
पूर्व विधायक का आरोप है कि संबंधित शिक्षक सप्ताह में केवल एक दिन स्कूल आते हैं और बाकी दिनों में अनुपस्थित रहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज हो जाती है। कमरो ने कहा कि यदि यह सच है तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरतपुर-सोनहत क्षेत्र विकास और शिक्षा दोनों मामलों में पिछड़ता जा रहा है, जबकि केवल विकास के दावे किए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के संरक्षण के कारण शिक्षक मनमानी कर रहे हैं। उनके अनुसार, अधिकारी पूरे मामले से अवगत होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कक्षाओं में शिक्षक नहीं होंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी और शिक्षा की गुणवत्ता कैसे सुधरेगी।
कमरो ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक शिक्षा विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि विभाग अपना पक्ष जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



