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राष्ट्रीय राजमार्ग पर पशुओं की सुरक्षा के लिए अनूठी पहल, 19 निराश्रित पशुओं को लगाए गए रेडियम बेल्ट

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रात में हेडलाइट की रोशनी में दूर से नजर आएंगे पशु, हादसों की रोकथाम के लिए अभियान रहेगा सतत जारी

एमसीबी :  राष्ट्रीय राजमार्गों पर निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा मानव एवं पशु जीवन की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार पशुधन विकास विभाग द्वारा नगरीय निकाय के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक NH-43 के चिन्हित क्षेत्रों में विचरण करने वाले पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाए जा रहे हैं।अभियान के तहत पीडब्ल्यूडी तिराहा से एलआईसी कार्यालय के पास, खेड़िया टॉकीज से सिद्धबाबा मंदिर घाट तथा घुटरीटोला बैरियर तक के मार्ग पर विचरण करने वाले 19 निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाए गए हैं। विभाग द्वारा बताया गया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन सतत रूप से जारी रहेगा।

रात में दूर से दिखाई देंगे पशु
रेडियम बेल्ट लगाए जाने का प्रमुख उद्देश्य रात्रि के समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण करने वाले पशुओं को वाहन चालकों के लिए दूर से ही स्पष्ट रूप से दृश्यमान बनाना है। वाहन की हेडलाइट पड़ने पर रेडियम बेल्ट चमकते हैं, जिससे चालक को सड़क पर मौजूद पशु की स्थिति का समय रहते पता चल जाता है। इससे वाहन चालक सावधानीपूर्वक गति नियंत्रित कर दुर्घटना की आशंका को कम कर सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष रूप से रात के समय पशुओं के अचानक सामने आ जाने से दुर्घटनाओं की स्थिति निर्मित होती है। ऐसे में रेडियम बेल्ट की पहल पशुओं की दृश्यता बढ़ाने के साथ ही मानव जीवन और पशुधन दोनों की सुरक्षा की दिशा में उपयोगी कदम साबित हो सकती है।

पशुपालकों और वाहन चालकों से सहयोग की अपील
संबंधित विभाग ने नागरिकों एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को अनावश्यक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मुख्य सड़कों पर विचरण के लिए न छोड़ें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया गया है। वहीं वाहन चालकों से भी विशेषकर रात्रि के समय निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सड़क पर सतर्कता बरतने और पशुओं की मौजूदगी को देखते हुए सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की गई है। जिला प्रशासन की यह पहल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ-साथ पशु कल्याण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के निरंतर जारी रहने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण करने वाले निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं की सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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