जैतहरी से बरामद, परिजनों ने पुलिस टीम का जताया आभार
बिजुरी/अनूपपुर। अनूपपुर पुलिस ने एक नाबालिग गुमशुदा बालिका को महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। त्वरित कार्रवाई से परिजनों में खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक विक्रान्त मुराब के निर्देश पर गुमशुदा बालक-बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य के मार्गदर्शन में बिजुरी पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को बालिका के पिता ने थाना बिजुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई को परिवार खेत में काम करने गया था, जबकि नाबालिग बालिका अपनी दादी के साथ घर पर थी। शाम को लौटने पर बालिका घर से लापता मिली। परिजनों ने मोहल्ले और संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बालिका का मोबाइल भी बंद था। शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका में धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बालिका जैतहरी क्षेत्र में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई और 28 जुलाई को प्रकरण दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कमलेश तिवारी, प्रदीप अग्निहोत्री, आरक्षक आनंद बैस तथा लक्ष्मण डांगी की उल्लेखनीय भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गुमशुदा बच्चों की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है।



