जैविक कीटनाशक व जैव उर्वरकों के उपयोग से घट रही रासायनिक खाद पर निर्भरता, कम लागत में बढ़ रहा किसानों का उत्पादन
मनेंद्रगढ़। जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (एनएमएनएफ) योजना के तहत स्थापित बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआईआरसी) का कलेक्टर ने निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्टर को केंद्र में तैयार किए जा रहे विभिन्न जैविक कीटनाशकों एवं जैव उर्वरकों के निर्माण की प्रक्रिया, उपयोगिता तथा किसानों को मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
कलेक्टर ने केंद्र में तैयार हो रहे जैविक उत्पादों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और वितरण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक एवं जैविक खेती समय की आवश्यकता बन गई है।
जिले में संचालित बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कम लागत में जैविक कीटनाशक और जैव उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता लगातार कम हो रही है। साथ ही उत्पादन लागत में कमी आने और फसल की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
निरीक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वे गोबर, गोमूत्र तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों से विभिन्न प्रकार के जैविक उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनका उपयोग फसलों में कीट एवं रोग नियंत्रण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाना तथा अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़कर टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।



