कोरिया : कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास ने आज जनपद पंचायत बैकुंठपुर में सभी तकनीकी सहायक और ग्राम पंचायतों के सचिवों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं में स्वीकृत कार्यों की ग्राम पंचायत वार समीक्षा कर प्रगति पर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला पंचायत सीईओ श्री योगेन्द्र श्रीवास ने सबसे पहले तकनीकी सहायकों के साथ विकसित भारत जीरामजी योजना और उसके साथ प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति पर स्वीकृत कार्यों की समीक्षा का आंकलन कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। इसके बाद उन्होंने आजीविका गतिविधियों के विस्तार पर बात की। उन्होंने जनपद पंचायत बैकुंठपुर के सभी ग्राम पंचायत सचिवों से भी कार्य प्रगति पर बात की।इस दौरान जिला पंचायत से योजनाओं के प्रमुख और कार्यक्रम अधिकारी बैकुंठपुर भी उपस्थित रहे।
बालिका शौचालय निर्माण जल्द आरंभ करें
विकसित भारत जीरामजी योजना में बालिकाओं के विद्यालय में बनाए जाने वाले शौचालय निर्माण कार्य को तत्काल आरंभ कराने के निर्देश देते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री योगेंद्र श्रीवास ने कहा कि जी राम जी कार्ययोजना में प्रस्तावित प्रत्येक कार्य के तकनीकी प्रस्ताव जल्द तैयार कर ऑनलाइन सिक्योर पोर्टल पर अपलोड करें जिससे जल्द प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा सके। उन्होंने योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोजगार मूलक कार्य की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सभी ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों की प्रगति पर समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जियो टैगिंग, स्पिल ओवर वर्क, कार्य पूर्णता जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए।
आवास निर्माण के लिए उचित समय
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अगस्त माह के लिए लक्षित हितग्राहियों से निरंतर संपर्क करें और उनके प्रगतिरत आवास कार्यों को जल्द पूर्ण कराने का लक्ष्य रखें। जिला पंचायत सीईओ ने आवास योजना के तहत किश्तों के आबंटन कार्य उपरांत कार्य की प्रगति के लिए निरंतर हितग्राहियों से संवाद बनाए रखने तथा आवश्यकता अनुसार संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आजीविका गतिविधि जरूरी
जिले में मनरेगा तथा वीबी जीरामजी योजना अंतर्गत बनाई गई प्रत्येक जल संरक्षण की संरचना को आजीविका का संसाधन बनाए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए योगेंद्र श्रीवास ने कहा कि प्रत्येक अमृत सरोवर, नए तालाब, आजीविका डबरी को मछली पालन कार्य के लिए चिन्हित करें तथा महिलाओ को मछली पालन से जोड़ते हुए प्रत्येक जल संसाधन में आजीविका लेयरिंग जल्द पूर्ण कराएं।



