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शिक्षा व्यवस्था पर कलेक्टर की पैनी नजर: स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का किया गहन निरीक्षण

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बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य पर फोकस: कलेक्टर ने विद्यालयों का किया निरीक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किया प्रेरित

एमसीबी: कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं तथा आंगनबाड़ी सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, डिप्टी कलेक्टर नेहा खलखो, डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा तथा कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर ने सबसे पहले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पसौरी पहुंचकर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी ली तथा संचालित टेस्ट परीक्षा का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्य, कैरियर की योजनाओं एवं अध्ययन की तैयारी के बारे में जानकारी ली। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर नेहा खलखो एवं स्वप्निल वर्मा ने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन की रणनीति तथा उपलब्ध अवसरों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देकर उन्हें उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के वॉशरूम की मरम्मत कराने तथा बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए पंचायत स्तर पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर ने डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कछौड़ का निरीक्षण किया। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में उन्होंने मुख्य द्वार, टेरेस, प्रयोगशाला एवं वॉशरूम की स्थिति का अवलोकन करते हुए आवश्यक मरम्मत एवं उन्नयन कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कछौड़ में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय परिसर की स्वच्छता, वॉशरूम, कक्षाओं की व्यवस्था तथा शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर, अपर कलेक्टर एवं दोनों डिप्टी कलेक्टरों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी शैक्षणिक प्रगति, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य तथा अध्ययन संबंधी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं समय प्रबंधन के साथ परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी। साथ ही 12वीं के बाद उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न कैरियर विकल्पों की जानकारी देकर उन्हें अपने भविष्य के प्रति गंभीर एवं जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कछौड़ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पेयजल व्यवस्था, बच्चों की देखभाल, टीकाकरण, वजन मापन, पोषण ट्रैकिंग, पूरक पोषण आहार वितरण तथा भोजन व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने, केंद्र में स्वच्छता बनाए रखने तथा सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए।

कलेक्टर ने कहा कि विद्यालय और आंगनबाड़ी बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव हैं। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आधारभूत सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं नौनिहालों को बेहतर शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी वातावरण उपलब्ध हो सके।

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