Home छत्तीसगढ़ ग्रामीण संस्कृति और स्थानीय संसाधन से महिलाओं के कौशल से बन रही...

ग्रामीण संस्कृति और स्थानीय संसाधन से महिलाओं के कौशल से बन रही राखी परम्परागत विशिष्ट त्यौहार को लेकर तैयार हैं लोकल उत्पाद

0

कोरिया : भाई बहन के अनूठे प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक रक्षा बंधन का त्यौहार अब आने को है। इसे लेकर स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी संख्या में लोकल उत्पाद तैयार किए हैं और यह कोरिया वासियों के लिए बाजार में भी उपलब्ध हैं। रक्षाबंधन पर्व को लेकर ब्लॉक बैकुंठपुर की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

20 अगस्त से उत्पाद बाजार में
जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगंवा की प्रगति महिला समूह एवं ग्राम पंचायत आमगांव की बजरंग महिला समूह की दीदियों द्वारा अपने हुनर और रचनात्मकता से आकर्षक एवं डिजाइनर राखियां तैयार की जा रही हैं। आगामी 20 अगस्त से उत्पाद मुख्यालय बैकुंठपुर के स्थानीय बाजार में विक्रय हेतु उपलब्ध रहेंगे।

निर्माण सामग्री
स्व सहायता महिला समूहों की दीदियां धान, चावल, स्टोन ,रेसीन जैसी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां बना रही हैं। इन राखियों में ग्रामीण संस्कृति के साथ स्थानीय संसाधनों और महिलाओं की कला-कौशल का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है।

त्यौहार बना अवसर
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि राखियों को तैयार करने का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। समूह की दीदियां पूरे उत्साह के साथ अपने उत्पाद बना रही है और इन्हें बाजार में आकर्षक दर में उपलब्ध कराया जाएगा।

वोकल फॉर लोकल
प्रत्येक उत्पाद यदि स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहा है तो हम सभी को उसके उपयोग के लिए आगे आना है। उक्ताशय के विचार व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि प्रत्येक कोरियावासी महिला समूहों की दीदियों द्वारा बनाई गई राखियां खरीद कर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन में मदद करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here