संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : नगरी ब्लाक के टायगर रिजर्व रिसगाव मे गरियाबंद जिले व नगरी क्षेत्र के टायगर रिजर्व क्षेत्र मे बसे ग्रामीणो का मिटिग आयोजन कर वन विभाग द्वारा क्षेत्र मे विकास कार्यो मे अवरोध व इस क्षेत्र मे विस्थापन को लेकर मिटिग आयोजित किया गया जहा ग्रामीणो का प्रमुख मांग विस्थापन का विरोध व क्षेत्र मे विकास कार्य हो जहा जल जंगल जमीन संघर्ष समिति का गठन भी किया गया उल्लेखनीय है की टायगर रिजर्व गरियाबंद व धमतरी जिले का विशेष ग्राम सभा बैठक का आयोजन किया गया जहा टायगर रिजर्व क्षेत्र मे बसे ग्रामीणो को वन विभाग द्वारा गांव गांव मे मिटिग आयोजित कर ग्रामीणो को विस्थापन के लिये दबाव बनाया जा रहा व कुछ ग्रामीणो से पर्सनल मिलकर विस्थापन के लिये सहमति बनाया जा रहा जो नियम विरूद्ध है जहा ग्रामीणो द्वारा हर ग्राम मे ग्राम सभा प्रस्ताव बनाकर विस्थापन का विरोध किया जा रहा ग्रामीण किसी भी प्रलोभन मे आकर किसी भी वन विभाग के दस्तावेज हस्ताक्षर नही करेगे जिसका पूर्ण रूप से निर्णय लिया गया
नही है जंगल मे टायगर
वही बैठक मे जनप्रतिनिधि मनोज साक्षी ,श्रीधन सोम . नरेश माझी , रेवा देवदास ने वन विभाग के कार्यशैली पर जमकर बरसे ग्रामीणो का स्पष्ट आरोप है की टायगर रिजर्व क्षेत्र मे एक भी टायगर नही यहा हम आदिवासी ग्रामीण लंबे समय से बसे हुए है हम जंगलो से जंगली वनोपज संग्रहण करते है हमारे मवेशी बकरिया जंगलो मे चरने जाते है अगर यहा टायगर रहता तो नही तो हम जंगल से वनोपज संग्रहण करते और नही तो हमारा बकरी मवेशी जंगल जाते हम टायगर के भय से ही घरो मे दुबके रहते उडीसा का टायगर एक टायगर कभी कभार विचरण करने यहा आते है उसके बाद दोबारा नजर नही आते वन विभाग के अधिकारी सिर्फ वाहवाही लूटने शासन के लाखो रूपय खर्च कर कैमरा लगाकर वाहवाही लूट रहे जबकी हकीकत कुछ और ही है
नही है विकास ग्रामीणो को कर रहे प्रताडित
वही ग्रामीणो ने अर्जुन नायक ,माखन सलाम चंद्र कुमार अग्रवानी , बीरबल पद्माकर टिकम सिह नागवंशी ने बताया की आज क्षेत्र मे सडक नही है बिजली ,स्वास्थ्य ,शिक्षा , सडक की स्थिती दयनीय है ग्रामीण यहा कालापानी की सजा काट रहे गांव मे कोई विकास कार्य आता है तो वन विभाग कोई न कोई कानूनी अडंगा लगाकर कार्य को रोक लगा देती है और ग्रामीणो को वन विभाग के अधिकारी भी प्रताडित करने से नही चूकते कोई भी झूठे।मामले मे फंसाने की धमकी देता है
128 गांव पारा टोला के ग्रामीण थे मौजूद
ग्राम रिसगाव मे 128 गांव के ग्रामीण मौजूद रहे और क्षेत्र मे विकास विस्थापन को लेकर सार्थक चर्चा किया गया साथ ही जल जंगल जमीन संघर्ष समिति का गठन सर्व सहमति से मनोनीत कर किया गया जिसमे समिति का अध्यक्ष श्रीधन सोम को चुना गया साथ ही उदन्ती, राजापडाव ,रिसगाव, बोरई, सीतानदी , कट्टीगाव, बहीगाव, खल्लारी, बेलरबहारा, ठेन्ही ,लिलाज से उपाध्यक्ष, सचिव, सलाहकार, मिडिया प्रभारी ,सदस्य की नियुक्ती की गई।




